PCS Exam Result: पीसीएस परीक्षा में चमकी गोरखपुर की मेधा, किसान का बेटा बना शिक्षाधिकारी
पीसीएस परिणाम घोषित होने की सूचना जैसे ही अभ्यर्थियों तक पहुंची, साक्षात्कार देने वाले अपना परिणाम जानने में जुट गए। सफल अभ्यर्थियों के घर में खुशी और उत्साह का माहौल हो गया। गोरखपुर की कई प्रतिभाओं ने परिणाम की सूची में अपनी सम्मानजनक स्थिति बनाई।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने बुधवार की शाम सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा-2021 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इसमें जिले के मेधावियों ने सफलता हासिल की है। पीसीएस परिणाम घोषित होने की सूचना जैसे ही अभ्यर्थियों तक पहुंची, साक्षात्कार देने वाले अपना परिणाम जानने में जुट गए। सफल अभ्यर्थियों के घर में खुशी और उत्साह का माहौल हो गया। गोरखपुर की कई प्रतिभाओं ने परिणाम की सूची में अपनी सम्मानजनक स्थिति बनाई। सफल अभ्यर्थियों को बधाई देने और उनके द्वारा बधाई स्वीकार करने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
किसान का बेटा बना शिक्षाधिकारी
फरेंदा के मैनहवा गांव के किसान इंद्र प्रताप सिंह के बेटे अजीत सिंह का प्रोवेंसियल एजुकेशन सर्विस के लिए चयन हुआ है। उनकी मां अतरबास सिंह गृहिणी हैं और बड़े भाई शिक्षक हैं। अजीत की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, बृजमनगंज से हुई है। जबकि वर्ष 2000 में उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक एवं 2003 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए राजनीति विज्ञान से परास्नातक की पढ़ाई की है। वर्ष 2012 में अजीत नेट क्वालीफाई कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। अजीत ने बताया कि उनके चयन की सूचना दोस्तों ने दी। बड़े भाई ही मेरे प्रेरणा के स्रोत रहे हैं।
प्रधानाचार्य बने के राकेश मेघानी
पुराना गोरखपुर के रहने वाले अर्जुन दास के पुत्र राकेश कुमार मेघानी का चयन पीसीएस की परीक्षा के जरिए प्रधानाचार्य पद हुआ है। महाराणा प्रताप इंटर कालेज से माध्यमिक शिक्षा ग्रहण करने वाले राकेश ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीकॉम और एमकॉम की डिग्री हासिल करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। उन्हें कर्मचारी चयन आयोग के जरिए सीबीआइ में सब इंस्पेक्टर और एडीओ कोआपरेटिव पद पर चयन में पहले भी सफलता मिल चुकी है। माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग के माध्यम से चयन पाकर फिलहाल वह डीबी इंटर कालेज में बतौर शिक्षक तैनात हैं। अपनी सफलता का श्रेय वह पिता अर्जुन दास, मां सुशीला देवी, परिवार के सदस्यों और मित्रों को देते हैं।
नायब तहसीलदार बने निशांत
जंगल कौड़िया जगत बेला क्षेत्र के भंडारो गांव के हिमांशु अमिताभ मिश्रा के पुत्र निशांत मिश्रा का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। माध्यमिक शिक्षा जुबिली इंटर कालेज से ग्रहण करने के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री हासिल करने वाले निशांत के पिता का साया उनके सिर से 2002 में ही उठ गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पढ़ाई को निर्बाध गति से जारी रहा। मेहनत का परिणाम उन्हें पीसीएस परीक्षा में चयन के रूप में मिल गया है। अपनी सफलता का श्रेय वह अपनी माता मीना मिश्रा के अलावा मित्रों और गुरुजनों को देते हैं।
बैंक पीओ छोड़कर की तैयारी, प्रधानाचार्य बने राजन
पीपीडी इंटर कॉलेज मछली गांव में अंग्रेजी के प्रवक्ता राजन प्रताप का चयन पीसीएस परीक्षा के जरिये प्रधानाचार्य पद के लिए हुआ है। मूल रूप से गोठा मऊ के रहने वाले राजन में प्रशासनिक सेवा को लेकर इनका जुनून किस हद तक था, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने इसके लिए बैंक पीओ का पद छोड़ दिया। इंटर कॉलेज का प्रवक्ता बन प्रशासनिक सेवा की तैयारी करते रहे, अंत में उन्हें पीसीएस परिणाम में जगह बनाने में सफलता मिल ही गई। अपनी सफलता का श्रेय व अपने पिता कृष्ण प्रसाद, माता गुलइची देवी, पत्नी पुष्पलता, कॉलेज परिवार, दोस्तों और गुरुजनों को देते हैं।