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अपर मुख्य सचिव
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अफसरों को ड्रोन फ्लाइंग के बारे में दी जानकारी, दिए जरूरी निर्देश
पडरौना (कुशीनगर )। नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी के सर्वेक्षण के लिए संचालित स्वामित्व योजना के संबंध में बृहस्पतिवार को पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई। इस मौके पर अधिकारियों को ड्रोन फ्लाइंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी डीएम भी इससे जुड़े वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बताया गया कि प्रदेश में नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के संचालन के लिए 15 जिलों में कार्य पूरा हो गया है तथा 45 जिलों में अप्रैल 2022 तक पूरा हो जाएगा। वहीं, जनपद के नौ गांवों में ड्रोन फ्लाइंग की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इस दौरान एडीएम विंध्यवासिनी राय एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पंचायती राज विभाग, सर्वे ऑफ इंडिया एवं राजस्व विभाग के साथ नियमित तौर पर वार्ता करें। जो लक्ष्य निर्धारित किया जाए, सभी स्तर पर स्पष्ट रूप से उसकी जानकारी होनी चाहिए। 15 जिलों में ड्रोन फ्लाइंग का कार्य पूरा हो चुका है। वहां घरौनी वितरण की प्रक्रिया का निर्धारण किया जाए। जिन जनपदों में ड्रोन फ्लाइंग का कार्य संपन्न हो चुका है, यदि फिर भी कोई काम बचा है तो उसका मैप जेनरेट करवाएं। सभी एसडीएम को निर्देशित करते हुए इस बैठक में कहा गया कि वह प्रत्येक गांव जो विवादित बताया जा रहा है, वहां की निगरानी शुरू कर दें। संवाद
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पडरौना (कुशीनगर )। नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी के सर्वेक्षण के लिए संचालित स्वामित्व योजना के संबंध में बृहस्पतिवार को पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई। इस मौके पर अधिकारियों को ड्रोन फ्लाइंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी डीएम भी इससे जुड़े वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बताया गया कि प्रदेश में नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के संचालन के लिए 15 जिलों में कार्य पूरा हो गया है तथा 45 जिलों में अप्रैल 2022 तक पूरा हो जाएगा। वहीं, जनपद के नौ गांवों में ड्रोन फ्लाइंग की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इस दौरान एडीएम विंध्यवासिनी राय एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पंचायती राज विभाग, सर्वे ऑफ इंडिया एवं राजस्व विभाग के साथ नियमित तौर पर वार्ता करें। जो लक्ष्य निर्धारित किया जाए, सभी स्तर पर स्पष्ट रूप से उसकी जानकारी होनी चाहिए। 15 जिलों में ड्रोन फ्लाइंग का कार्य पूरा हो चुका है। वहां घरौनी वितरण की प्रक्रिया का निर्धारण किया जाए। जिन जनपदों में ड्रोन फ्लाइंग का कार्य संपन्न हो चुका है, यदि फिर भी कोई काम बचा है तो उसका मैप जेनरेट करवाएं। सभी एसडीएम को निर्देशित करते हुए इस बैठक में कहा गया कि वह प्रत्येक गांव जो विवादित बताया जा रहा है, वहां की निगरानी शुरू कर दें। संवाद
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