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यहां खुलेगा यूपी का पहला जटायु संरक्षण केंद्र, ऐसे मिली हरी झंडी
Thu, 25 Jun 2020 04:20 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 25 Jun 2020 04:20 PM IST
सार
- कैंपियरगंज में खुलेगा प्रदेश का पहला जटायु संरक्षण केंद्र
- वन विभाग के प्रस्ताव को शासन से मिली हरी झंडी
- गिद्धों का संरक्षण करेगा केंद्र, 83 लाख रुपये मिले
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
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विस्तार
गिद्धों के संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में पहला जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र कैंपियरगंज में खोले जाने के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए शासन ने 83 लाख रुपये भी वन विभाग को अवमुक्त कर दिए हैं।
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डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से 5 करोड़ रुपये की लागत से जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसके लिए 5 हेक्टेयर जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है।
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उन्होंने बताया कि जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र लुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाने की दिशा में काम करेगा। इस केंद्र पर गिद्धों की 9 प्रमुख प्रजातियों को संरक्षित करने पर जोर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि प्रमुख रूप से गिद्धों की तीन प्रजातियां व्हाइट बैक्ड (जिप्स बेंगेंसिस), लॉन्ग-बिल्ड (जिप्स इंडिकस) और सिलेंडर-बिल्ड (जिप्स टेनुइरोस्ट्रिस) भारतीय वन्य जीव अधिनियम की अनुसूची (एक) के तहत संरक्षित हैं। इस केंद्र में इनके संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा।