Gorakhpur News: घर के कबाड़ बेच जरूरतमंदों की जिंदगी कर रहे रोशन, 200 परिवारों की अनूठी मुहिम
संगठन की ओर से सोशल सर्विस डे के रूप में अनाज, चीनी, बिस्किट, कपड़े, चादर, खिलौने और साइकिल आदि की व्यवस्था कर जरूरतमंदों में बांटा जा चुका है। इसके बाद सोसायटी के एक गार्ड के पिता के निधन पर उनकी अंत्येष्टि का भी प्रबंध किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जैमिनी गार्डेनिया में रहने वाले 200 परिवारों की अनूठी पहल से जरूरतमंदों की सीधे तौर पर सेवा की जा रही है। पिछले एक साल से महिलाओं का यह संगठन घर से निकलने वाले कबाड़ को बेचकर 30 से अधिक परिवारों तक कपड़े, खाद्य सामग्री, खिलौने के साथ ही आर्थिक मदद पहुंचा रहा है।
वेलफेयर एंड चैरिटी ग्रुप की संस्थापक रश्मि केसरवानी ने बताया कि सोसाइटी से निकलने वाले कबाड़ का निस्तारण एक बड़ी समस्या बन गई थी। एक साल पहले इसके उपयोग से कुछ धनराशि एकत्र करने का ख्याल आया तो एक बार ऐसा करके देखा।
जो पैसे मिले उससे घर पर काम करने वाली की मदद की गई। बस फिर क्या था, इसे एक मुहिम के तौर पर सभी सदस्यों के साथ चलाने का सोची। अब घर से निकले वाले कबाड़ को फेंकने की बजाय उसे एकत्र किया जाता है। हर महीने एकत्रित कबाड़ का विक्रय कर जो पैसे मिलते हैं उसमें कुछ धनराशि संस्था की ओर से मिलाकर जरूरतमंदों की मदद की जाती है।
उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से सोशल सर्विस डे के रूप में अनाज, चीनी, बिस्किट, कपड़े, चादर, खिलौने और साइकिल आदि की व्यवस्था कर जरूरतमंदों में बांटा जा चुका है। इसके बाद सोसायटी के एक गार्ड के पिता के निधन पर उनकी अंत्येष्टि का भी प्रबंध किया गया।
घर में हैं कबाड़ तो फेंकने से पहले आता है संदेश
संगठन की ओर से एक व्यवस्था बनाई गई है कि सोसायटी में रहने वाले किसी परिवार को अगर कबाड़ फेंकना है तो वह अपने मोबाइल फोन से एक संदेश संस्था तक पहुंचाता है। जिसके बाद संस्था की ओर से उसे एकत्र कर लिया जाता है। इससे एक तरफ कचड़ा साफ होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को बल मिलता है। साथ ही कुछ पैसे मिलते हैं, जिससे जरूरतमंदों की मदद की जाती है।
खिचड़ी के अवसर पर बांटे जाएंगे कंबल
संस्था की ओर से खिचड़ी के उपलक्ष्य में जरूरतमंदों में कंबल और खाद्य सामग्री का वितरण किया जाना है। इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।