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परिषदीय स्कूलः ठंड ने दी दस्तक, यूनिफार्म का पता नहीं
Mon, 01 Nov 2021 04:04 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 01 Nov 2021 04:04 PM IST
सार
डीबीटी के तहत अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये की धनराशि भेजी जानी है। डाटा अपलोड न होने की वजह से दीवाली बाद भी राहत मिलने के आसार नहीं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भले ही दिन में धूप तेज हो पर दिन ढलते-ढलते ठंडी हवाएं लोगों को सर्दियों के आने का एहसास करा रही हैं। कई लोगों ने गर्म कपड़े भी निकालने शुरू कर दिए हैं। परिषदीय विद्यालयों के छात्र भी अब यूनिफार्म की आस में हैं। लेकिन, उन्हें अभी कुछ और समय ठंड में ठिठुरना पढ़ेगा क्योंकि अब तक छात्रों का डेटा डीबीटी एप पर अंकित नहीं हो सका है। गोरखपुर जिले में 2514 परिषदीय विद्यालय हैं। इस बार छात्रों को यूनिफार्म स्कूल से नहीं बल्कि उसकी धनराशि सीधे बच्चों या उनके अभिभावकों के खाते में आएगी।
इसके लिए शासन की ओर से विकसित एप डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) में स्कूलों को छात्रों का डाटा उस पर अपलोड करना है। शासन के निर्देश पर अभिभावकों के बैंक खातों के सत्यापन का कार्य जोर शोर से चल रहा है। बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिये स्कूल बैग, यूनिफार्म व जूता-मौजा के लिए 1,100 रुपये प्रति छात्र की धनराशि स्थानांतरित की जानी है।
अभिभावकों के खातों का सत्यापन कराने का काम भी शिक्षकों के अलावा संबंधित बैंक को देना है।2400 से अधिक परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों का डाटा डीबीटी एप पर अपलोड किया जा चुका है। मगर तकनीकी समस्या के चलते अभी भी जिले के 100 से अधिक स्कूलों के छात्रों का डाटा एप पर अपलोड करने के बावजूद प्रदर्शित नहीं कर रहा है। ऐसे में छात्रों को हाल फिलहाल में यूनिफार्म मिलनी मुश्किल है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिले के परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों का डाटा डीबीटी एप पर अपलोड किया जा रहा है। सभी छात्रों का डाटा अंकित हो सके। बच्चों को ठंड की मार न झेलनी पड़े इसके लिए विभाग स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी समस्या की वजह से 100 स्कूलों का डाटा अपलोड होने बाद भी प्रदर्शित नहीं हो रहा है। पत्राचार के माध्यम से समस्या को दूर कराया जा रहा है।
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इसके लिए शासन की ओर से विकसित एप डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) में स्कूलों को छात्रों का डाटा उस पर अपलोड करना है। शासन के निर्देश पर अभिभावकों के बैंक खातों के सत्यापन का कार्य जोर शोर से चल रहा है। बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिये स्कूल बैग, यूनिफार्म व जूता-मौजा के लिए 1,100 रुपये प्रति छात्र की धनराशि स्थानांतरित की जानी है।
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अभिभावकों के खातों का सत्यापन कराने का काम भी शिक्षकों के अलावा संबंधित बैंक को देना है।2400 से अधिक परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों का डाटा डीबीटी एप पर अपलोड किया जा चुका है। मगर तकनीकी समस्या के चलते अभी भी जिले के 100 से अधिक स्कूलों के छात्रों का डाटा एप पर अपलोड करने के बावजूद प्रदर्शित नहीं कर रहा है। ऐसे में छात्रों को हाल फिलहाल में यूनिफार्म मिलनी मुश्किल है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिले के परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों का डाटा डीबीटी एप पर अपलोड किया जा रहा है। सभी छात्रों का डाटा अंकित हो सके। बच्चों को ठंड की मार न झेलनी पड़े इसके लिए विभाग स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी समस्या की वजह से 100 स्कूलों का डाटा अपलोड होने बाद भी प्रदर्शित नहीं हो रहा है। पत्राचार के माध्यम से समस्या को दूर कराया जा रहा है।