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गोरखपुर रेलवे स्टेशन: ट्रेन में जबरिया ट्राली बैग देने की कोशिश, गार्ड ने किया का इनकार
Fri, 10 Sep 2021 09:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 09:32 AM IST
सार
मौके पर पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ पदाधिकारी, बैक फुट पर आया रेल प्रशासन।
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रेलवे स्टेशन की डीजल लॉबी पर ट्राली बैग का विरोध करते रेलकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
रेलवे स्टेशन के डीजल लॉबी पर गुरुवार की सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब गोरखपुर से रवाना होने वाली एक ट्रेन के गार्ड को जबरिया ट्रॉली बैग देने की कोशिश की गई। हालांकि, गार्ड ने ट्रॉली बैग लेने से इनकार कर दिया। इसी बीच सूचना पाकर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) पदाधिकारी भी पहुंच गए, जिसके बाद गार्डों ने विरोध कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके की नजाकत को भांपकर रेल प्रशासन बैकफुट पर आ गया और पुरानी व्यवस्था को लागू किया गया।
दरअसल, लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन अधिकारी ने आदेश दे दिया था कि गुरुवार की सुबह आठ बजे से जो भी गार्ड ड्यूटी पर जाएगा, उसे अपना ट्रॉली बैग लॉबी से गार्ड ब्रेक तक खुद ले जाना पड़ेगा। इसके विरोध करने के लिए गार्ड सुबह से ही डीजल लॉबी पर इकट्ठा थे। लेकिन, अधिकारी इस व्यवस्था को लागू कराने में जुटे रहे। गोरखपुर से जा रही एक ट्रेन में ड्यूटी करने आए गार्ड ने ट्रॉली बैग खुद ले जाने से मना कर दिया। गार्ड ने कहा कि बॉक्स पोर्टर द्वारा ब्रेक में लादा जाए।
उधर, पीआरकेएस के प्रवक्ता व संयुक्त महामंत्री एके सिंह भी रेलकर्मियों के साथ डीजल लॉबी पर पहुंच गए। उन्होंने गार्डों से कहा कि इस लड़ाई में संघ पूरी तरह से उनके साथ है। एनएफआईआर के महामंत्री डॉ. एम राघवैया ने 22-23 जून की विभागीय परिषद और संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र की बैठक में सरकार के समक्ष इस मामले को उठाया था। प्रवक्ता ने कहा कि 21 जून को दी गई एक जनसूचना में रेलवे बोर्ड द्वारा भी यह बताया गया है, कि गार्ड बॉक्स के स्थान पर ट्रॉली बैग लागू करने पर कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है। प्रदर्शन करने वालों में डीजल लॉबी के कार्यकारी अध्यक्ष दयाशंकर चौधरी, अध्यक्ष विक्रम, संयुक्त महामंत्री ओमप्रकाश सिंह, रवींद्र सिंह, बीएस त्रिपाठी, अमलेंदु पांडेय, जोएन मरांडी, जेके यादव आदि मौजूद रहे।
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दरअसल, लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन अधिकारी ने आदेश दे दिया था कि गुरुवार की सुबह आठ बजे से जो भी गार्ड ड्यूटी पर जाएगा, उसे अपना ट्रॉली बैग लॉबी से गार्ड ब्रेक तक खुद ले जाना पड़ेगा। इसके विरोध करने के लिए गार्ड सुबह से ही डीजल लॉबी पर इकट्ठा थे। लेकिन, अधिकारी इस व्यवस्था को लागू कराने में जुटे रहे। गोरखपुर से जा रही एक ट्रेन में ड्यूटी करने आए गार्ड ने ट्रॉली बैग खुद ले जाने से मना कर दिया। गार्ड ने कहा कि बॉक्स पोर्टर द्वारा ब्रेक में लादा जाए।
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उधर, पीआरकेएस के प्रवक्ता व संयुक्त महामंत्री एके सिंह भी रेलकर्मियों के साथ डीजल लॉबी पर पहुंच गए। उन्होंने गार्डों से कहा कि इस लड़ाई में संघ पूरी तरह से उनके साथ है। एनएफआईआर के महामंत्री डॉ. एम राघवैया ने 22-23 जून की विभागीय परिषद और संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र की बैठक में सरकार के समक्ष इस मामले को उठाया था। प्रवक्ता ने कहा कि 21 जून को दी गई एक जनसूचना में रेलवे बोर्ड द्वारा भी यह बताया गया है, कि गार्ड बॉक्स के स्थान पर ट्रॉली बैग लागू करने पर कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है। प्रदर्शन करने वालों में डीजल लॉबी के कार्यकारी अध्यक्ष दयाशंकर चौधरी, अध्यक्ष विक्रम, संयुक्त महामंत्री ओमप्रकाश सिंह, रवींद्र सिंह, बीएस त्रिपाठी, अमलेंदु पांडेय, जोएन मरांडी, जेके यादव आदि मौजूद रहे।
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छह लोगों के सस्पेंड फिर बहाल की चर्चा
संरक्षा उपकरण ब्रेक यान में मंगवाने के आरोप में गुरुवार छह गार्ड को रेल प्रशासन द्वारा सस्पेंड करने की चर्चा रही। सूचना पाकर सभी गार्ड भी विरोध करने लगे। हालांकि, सस्पेंड करने का आदेश जारी नहीं हुआ।
नौतनवां पैसेंजर में गार्ड की जगह गए टीआई
पीआरकेएस प्रवक्ता के मुताबिक नौतनवां पैसेंजर में गार्ड की जगह ट्रैफिक इंस्पेक्टर को ड्यूटी के लिए भेजा गया। जबकि, दो मालगाड़ी को बिना गार्ड के ही रवाना करना पड़ा। दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई और लाइन बाक्स रखे जाने लगे, जिसके बाद गार्ड ड्यूटी पर जाने को तैयार हो गए।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में लोको पायलट एवं गार्ड को पुराने टिन के बॉक्स की जगह स्मार्ट ट्रॉली बैग दिए जा रहे हैं, पुराने बॉक्स में रखे जाने वाले मैनुअल्स को भी पेन ड्राइव में दिया जा रहा है। रेलवे प्रशासन अनुरोध करता है कि सभी गार्ड एवं लोको पायलट, नए ट्रॉली बैग का उपयोग करें तथा इसके प्रयोग के बाद फीडबैक दें। जहां भी समस्या आएगी उसका निराकरण किया जाएगा।
नौतनवां पैसेंजर में गार्ड की जगह गए टीआई
पीआरकेएस प्रवक्ता के मुताबिक नौतनवां पैसेंजर में गार्ड की जगह ट्रैफिक इंस्पेक्टर को ड्यूटी के लिए भेजा गया। जबकि, दो मालगाड़ी को बिना गार्ड के ही रवाना करना पड़ा। दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई और लाइन बाक्स रखे जाने लगे, जिसके बाद गार्ड ड्यूटी पर जाने को तैयार हो गए।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में लोको पायलट एवं गार्ड को पुराने टिन के बॉक्स की जगह स्मार्ट ट्रॉली बैग दिए जा रहे हैं, पुराने बॉक्स में रखे जाने वाले मैनुअल्स को भी पेन ड्राइव में दिया जा रहा है। रेलवे प्रशासन अनुरोध करता है कि सभी गार्ड एवं लोको पायलट, नए ट्रॉली बैग का उपयोग करें तथा इसके प्रयोग के बाद फीडबैक दें। जहां भी समस्या आएगी उसका निराकरण किया जाएगा।