सुसाइड नोट से बची जान: छेड़खानी से परेशान छात्रा करने जा रही थी खुदकुशी, परिवार ने बचाया
युवती को शोहदा काफी दिनों से परेशान कर रहा था, लेकिन लोकलज्जा के डर से उसने घरवालों को जानकारी नहीं दी थी। फिर अंदर ही अंदर युवती इतनी टूट गई कि उसने खुदकुशी तक करने का फैसला कर लिया था।
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गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गीडा इलाके के नौसड़ के पास स्थित एक गांव में शनिवार को छेड़खानी से आहत होकर बीए की छात्रा खुदकुशी करने को घर से निकल गई। संयोग अच्छा रहा कि घर की मेज पर रखा सुसाइड नोट परिजनों के हाथ लग गया और पीछा करके छात्रा को बचा लिया गया।
छात्रा को समझाने के बाद परिजन पड़ोसी शोहदे के घर गए तो उसके घरवाले हमलावर हो गए और छात्रा के परिजनों की पिटाई कर दी। पुलिस तहरीर के आधार पर छेड़खानी, मारपीट, बलवा, धमकी और ऐसा कृत्य जिससे मानव जीवन संकट में पड़ने की धारा में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपी घर छोड़कर फरार हैं।
जानकारी के मुताबिक, नौसड़ के पास के एक गांव की रहने वाली एक छात्रा शहर के एक डिग्री कॉलेज से बीए कर रही है। रोजाना ही वह ऑटो से कॉलेज जाती है। आरोप है कि पड़ोसी विकास प्रजापति आए दिन रास्ते में उसे परेशान करता है। शुक्रवार को शोहदे ने उसका हाथ पकड़ लिया और फिर अश्लील हरकतें की। इससे आहत किशोरी घर गई, लेकिन किसी को कुछ भी नहीं बताया। फिर वह शनिवार सुबह एक सुसाइड नोट अपने कमरे के मेज पर रखकर निकल गई।
सुसाइड नोट में पूरा घटनाक्रम लिखा और छात्रा घरवालों से माफी मांगते हुए लिखा कि आप लोगों को बता कर झगड़ा करवाना नहीं चाहती हूं, इसलिए जान देने जा रही हूं। मां कमरे में गई तो मेज पर रखे सुसाइड नोट पर उनकी नजर पड़ गई। पढ़ते ही उनके होश उड़ गए और फिर उसने परिवार के एक करीबी और अपने पति को सूचना दी।
तत्काल दोनों लोग सक्रिय हो गए और राजघाट पुल के पास ही छात्रा को पकड़ लिया। छात्रा रोने लगी तो उसे घर ले जाकर समझाया। फिर शाम को पड़ोसी के घर उलाहना देने गए तो परिवार वाले एकजुट होकर मारपीट करने लगे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विकास प्रजापति, उसके पिता रामप्रसाद, भाई अशोक, विशाल और मां किरन के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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लोकलज्जा के डर से नहीं दी थी घरवालों को जानकारी
युवती को शोहदा काफी दिनों से परेशान कर रहा था, लेकिन लोकलज्जा के डर से उसने घरवालों को जानकारी नहीं दी थी। फिर अंदर ही अंदर युवती इतनी टूट गई कि उसने खुदकुशी तक करने का फैसला कर लिया था। संयोग अच्छा रहा कि उसकी जान बच गई, नहीं तो कुछ भी भी हो सकता था।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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खामोशी लेती है जान, खुलकर बोलें तो शोहदे जाएंगे जेल
आईजी जे. रविंद्र कहते हैं, छेड़खानी या फिर बच्चियों, महिला से जुड़ी कोई भी शिकायत आने पर पुलिस तत्काल सक्रिय हो जाती है। पुलिस कार्रवाई कर आरोपी को सजा दिलाती है। किसी के लिए खुद के जिंदगी को खतरे में डालना ठीक नहीं है। आईजी ने बताया कि डायल 112 के अलावा 1090 पर भी कॉल किया जा सकता है। 1090 सिर्फ महिलाओं के लिए ही है, इस पर शिकायत करने के लिए कहीं न तो जाना होता है और न ही नाम उजागर होता है। नाम गोपनीय रखकर पुलिस कार्रवाई करती है।