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गोरखपुर में तिहरे हत्याकांड का खुलासा: मुकदमे की पैरवी करने पर ही की गईं थीं तीन हत्याएं, दोनों शूटर गिरफ्तार
Sat, 08 May 2021 10:26 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 08 May 2021 10:26 AM IST
सार
एक-एक लाख रुपये के इनामी सन्नी सिंह और युवराज को एसटीएफ और पुलिस टीम ने दबोचा। 2013 में रस्सी के विवाद में व्यापारी परिवार की हत्या के मामले में सुलह चाहता था सन्नी। हत्या के मामले की रितेश मौर्या और शंभू कर रहे थे पैरवी, कर्मचारी को पहचान छिपाने के लिए मारी थी गोली।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी सन्नी व युवराज।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गगहा इलाके में रितेश मौर्या और फिर व्यापारी शंभू मौर्या, उनके कर्मचारी संजय पांडेय की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी दो शूटरों मृगेंद्र सिंह उर्फ सन्नी सिंह और युवराज सिंह उर्फ राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को एसटीएफ गोरखपुर यूनिट, क्राइम ब्रांच और गगहा थाने की संयुक्त टीम ने दोनों बदमाशों को पकड़ा।
आरोपियों पर एडीजी की ओर से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक 9एमएम पिस्टल, दो मैगजीन, छह कारतूस, दो 32 बोर की पिस्टल, चार मैगजीन, 13 कारतूस सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसएसपी दिनेश कुमार पी ने शुक्रवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी गगहा के ओपी मेमोरियल स्कूल के पास से की गई। पूछताछ में सन्नी ने बताया कि 2013 में रस्सी की खरीदारी के पैसे को लेकर दुर्वासा गुप्ता से विवाद हो गया था। इस मामले में अपने भाई टीका सिंह, सिंहासन यादव, अजय नारायण सिंह के साथ मिलकर दुर्वासा गुप्ता, उनकी पत्नी और पुत्र बाबूलाल की हत्या कर दी थी। इस घटना में तीन लोग घायल भी हुए थे।
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आरोपियों पर एडीजी की ओर से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक 9एमएम पिस्टल, दो मैगजीन, छह कारतूस, दो 32 बोर की पिस्टल, चार मैगजीन, 13 कारतूस सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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एसएसपी दिनेश कुमार पी ने शुक्रवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी गगहा के ओपी मेमोरियल स्कूल के पास से की गई। पूछताछ में सन्नी ने बताया कि 2013 में रस्सी की खरीदारी के पैसे को लेकर दुर्वासा गुप्ता से विवाद हो गया था। इस मामले में अपने भाई टीका सिंह, सिंहासन यादव, अजय नारायण सिंह के साथ मिलकर दुर्वासा गुप्ता, उनकी पत्नी और पुत्र बाबूलाल की हत्या कर दी थी। इस घटना में तीन लोग घायल भी हुए थे।
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सन्नी इस मामले में 2020 में जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आया था और मुकदमे के वादी बांके लाल गुप्ता से सुलह कराने के लिए दबाव बना रहा था। जिसमें रितेश मौर्या और शंभू मौर्या उसके खिलाफ पैरवी करने लगे। सन्नी ने बताया कि इसी वजह से दोनों की हत्या की साजिश रची गई। दोस्त और नेवादा के रहने वाले सिंहासन यादव से बात की तो उसने भी कहा कि सुलह बिना हत्या के नहीं हो पाएगी। रेकी के बाद पता चला कि रितेश मौर्या रोजाना रात में गगहा चौराहे पर रुकता है। दस मार्च को हत्या की साजिश रची गई। युवराज गाड़ी चला रहा था और सन्नी साथ में था। सन्नी ने गोली मारकर रितेश को मौत के घाट उतार दिया।
सन्नी ने बताया कि हत्या के बाद वे मेहरौली के राजू चौधरी की बहन के घर पर रुके, फिर बाइक से लखनऊ गए। लखनऊ में आदित्य मिश्रा, राजू मिश्रा के घर पर रुके, फिर मेरठ चले गए। वहां पर रुकने में तिहाड़ में बंद बदमाश सारिक चौधरी की मदद की। वहां असलहा उपलब्ध होने के बाद कार से गगहा आए और 31 मार्च को शंभू की गोली मारकर हत्या कर दी। शंभू को बचाने आए संजय पांडेय ने उन्हें पहचान लिया था, जिस वजह से उसकी भी हत्या कर दी। सन्नी ने बताया कि हत्या के बाद राजू हम लोगों को खोराबार इलाके में अपने घर ले गया था।
सन्नी ने बताया कि हत्या के बाद वे मेहरौली के राजू चौधरी की बहन के घर पर रुके, फिर बाइक से लखनऊ गए। लखनऊ में आदित्य मिश्रा, राजू मिश्रा के घर पर रुके, फिर मेरठ चले गए। वहां पर रुकने में तिहाड़ में बंद बदमाश सारिक चौधरी की मदद की। वहां असलहा उपलब्ध होने के बाद कार से गगहा आए और 31 मार्च को शंभू की गोली मारकर हत्या कर दी। शंभू को बचाने आए संजय पांडेय ने उन्हें पहचान लिया था, जिस वजह से उसकी भी हत्या कर दी। सन्नी ने बताया कि हत्या के बाद राजू हम लोगों को खोराबार इलाके में अपने घर ले गया था।
पूर्व विधायक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के नाम पर दिलाया था भरोसा
आरोपी सन्नी सिंह ने बताया कि उसके दोस्त सिंहासन यादव ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख बड़हलगंज विजय यादव व ग्रामीण विधानसभा से पूर्व विधायक रहे विजय बहादुर यादव से उसका संपर्क है। उनसे बात हो गई है और हर जगह वह पैरवी करेंगे। तुम लोग हत्या करो फिर वह बचा लेंगे। अब पुलिस इस बयान की तस्दीक करने में लगी है। पुलिस का कहना है कि बयान को रिकार्ड पर लिया गया है। इस सिलसिले में सिंहासन यादव का पक्ष नहीं मिल सका है। पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
सन्नी पर दर्ज है 12 केस, युवराज पर छह
सन्नी सिंह पर 12 केस दर्ज है। इसमें गगहा थाने में हत्या की कोशिश, धमकी, बलवा, आर्म्स एक्ट, 7सीएलए, हत्या, गैंगेस्टर, धमकी देने, गुंडा एक्ट, हत्या के तीन, और हत्या की कोशिश के केस हैं। युवराज सिंह पर गगहा थाने में छेड़खानी, पॉक्सो, गैर इरादतन हत्या, हत्या, आपराधिक साजिश, हत्या की कोशिश का केस दर्ज है।
सन्नी पर दर्ज है 12 केस, युवराज पर छह
सन्नी सिंह पर 12 केस दर्ज है। इसमें गगहा थाने में हत्या की कोशिश, धमकी, बलवा, आर्म्स एक्ट, 7सीएलए, हत्या, गैंगेस्टर, धमकी देने, गुंडा एक्ट, हत्या के तीन, और हत्या की कोशिश के केस हैं। युवराज सिंह पर गगहा थाने में छेड़खानी, पॉक्सो, गैर इरादतन हत्या, हत्या, आपराधिक साजिश, हत्या की कोशिश का केस दर्ज है।