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Gorakhpur News: साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग की ओर से पुलिस अधिकारियों के लिए ''साइबर फॉरेंसिक टूल्स'' पर सोमवार को एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एएसपी दिनेश गोदारा ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों की जांच क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को साइबर फॉरेंसिक टूल्स, जांच तकनीकों, साक्ष्य प्रबंधन और विधिक अनुपालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे वास्तविक मामलों में इन कौशलों का प्रभावी उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज एवं कुशीनगर जनपदों से कुल 25 पुलिस अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं।
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कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. बीके शर्मा एवं डॉ. विमल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मोबाइल, कंप्यूटर एवं नेटवर्क फॉरेंसिक्स, मल्टीमीडिया विश्लेषण, ड्रोन एवं वीडियो फॉरेंसिक्स, वॉयस एनालिटिक्स, स्टेगनोग्राफी तथा पासवर्ड विश्लेषण जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि एएसपी दिनेश गोदारा ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों की जांच क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।
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इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को साइबर फॉरेंसिक टूल्स, जांच तकनीकों, साक्ष्य प्रबंधन और विधिक अनुपालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे वास्तविक मामलों में इन कौशलों का प्रभावी उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज एवं कुशीनगर जनपदों से कुल 25 पुलिस अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं।
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कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. बीके शर्मा एवं डॉ. विमल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मोबाइल, कंप्यूटर एवं नेटवर्क फॉरेंसिक्स, मल्टीमीडिया विश्लेषण, ड्रोन एवं वीडियो फॉरेंसिक्स, वॉयस एनालिटिक्स, स्टेगनोग्राफी तथा पासवर्ड विश्लेषण जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।