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Gorakhpur News: मातृ मृत्यु दर कम करने की महत्वपूर्ण पहल है मातृत्व सेवा कार्यक्रम
Mon, 20 Jul 2026 02:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 20 Jul 2026 02:19 AM IST
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गोरखपुर। एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि मातृ सेवा कार्यक्रम मातृ मृत्यु दर कम करने की महत्वपूर्ण पहल है। एम्स इस अभियान में पूरा सहयोग देता रहेगा।
वह रविवार को एम्स और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मातृ सेवा कार्यक्रम के तहत आयोजित क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि जिले में इस कार्यक्रम के तहत अब तक 400 से अधिक सुरक्षित प्रसव कराए जा चुके हैं। निजी अस्पतालों की भागीदारी से मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी। एम्स की डॉ. उमा सिंह ने उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों के सही समय पर रेफरल और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने पर जोर दिया। डॉ. शिखा सेठ ने बताया कि प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी दी गई, जिससे डॉक्टर प्रसव संबंधी जोखिमों का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।
प्रशिक्षण में जिले के करीब 25 निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रसव से पहले, प्रसव के समय और प्रसव के बाद होने वाली जटिलताओं की पहचान और उनके समय पर उपचार की जानकारी दी गई। अंत में एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ और सीएमओ डॉ. राजेश झा ने प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
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वह रविवार को एम्स और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मातृ सेवा कार्यक्रम के तहत आयोजित क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि जिले में इस कार्यक्रम के तहत अब तक 400 से अधिक सुरक्षित प्रसव कराए जा चुके हैं। निजी अस्पतालों की भागीदारी से मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी। एम्स की डॉ. उमा सिंह ने उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों के सही समय पर रेफरल और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने पर जोर दिया। डॉ. शिखा सेठ ने बताया कि प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी दी गई, जिससे डॉक्टर प्रसव संबंधी जोखिमों का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।
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प्रशिक्षण में जिले के करीब 25 निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रसव से पहले, प्रसव के समय और प्रसव के बाद होने वाली जटिलताओं की पहचान और उनके समय पर उपचार की जानकारी दी गई। अंत में एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ और सीएमओ डॉ. राजेश झा ने प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
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