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खुशखबर: नेपाल बॉर्डर तक इलेक्ट्रिक इंजन की मदद से दौड़ी ट्रेन, रवाना हुई पहली छपरा-नौतनवा इंटरसिटी
Thu, 30 Sep 2021 08:32 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 30 Sep 2021 08:32 PM IST
सार
इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के चलने से गोरखपुर से नौतनवां के बीच कहीं भी इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी। इससे एक तरफ जहां समय की बचत होगी, वहीं रेलवे को आर्थिक फायदा भी होगा।
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भारतीय रेल।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
आनंदनगर-नौतनवां रूट पर विद्युतीकरण कार्य को मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की हरी झंडी मिलने के बाद गोरखपुर से नेपाल सीमा (नौतनवां) तक इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। इस रूट पर सबसे पहले छपरा-नौतनवां इंटरसिटी को सुबह 9:30 बजे इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर रवाना किया गया। इसके बाद नौतनवां-दुर्ग स्पेशल इलेक्ट्रिक इंजन के साथ नेपाल सीमा तक गई।
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इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के चलने से गोरखपुर से नौतनवां के बीच कहीं भी इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी। इससे एक तरफ जहां समय की बचत होगी, वहीं रेलवे को आर्थिक फायदा भी होगा। इसके अलावा नेपाल को निर्यात किए जाने वाले आटो मोबाइल्स व अन्य सामानों की ढुलाई भी आसान हो जाएगी।
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नौतनवां बन रहा है आटो मोबाइल टर्मिनल
नौतनवां तक इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन का संचालन कई मायने में अहम है। ट्रेन के लिए समय बचेगा तो वहीं ऑटो मोबाइल की ढुलाई में यह महत्वपूर्ण है। नेपाल से सटा नौतनवां स्टेशन भले ही छोटा है, लेकिन अब पूर्वांचल का सबसे बड़ा आटो मोबाइल टर्मिनल का रूप ले रहा है।
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मालगाड़ी के 10 रेक से यहां अब तक एक हजार से ज्यादा चार पहिया वाहन (कार, पिकअप, आटो) उतारे जा चुके हैं। आटो मोबाइल के ट्रांसपोर्टेशन से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।