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#LadengeCoronaSe: अपनों को खोने का दर्द दिल में समेटे निभा रहे फर्ज, 12-12 घंटे कर रहे हैं ड्यूटी
Sat, 29 May 2021 08:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 29 May 2021 08:12 PM IST
सार
- 25 दिन में दो डॉक्टर समेत तीन कर्मी की हो चुकी है मौत
- अब तक 300 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी हो चुके है संक्रमित
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कार्यालय में अपर सीएमओ के साथ बैठक करते एडीएम।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कोरोना संक्रमण से लोगों के बचाव में जुटे स्वास्थ्य कर्मी खुद की परवाह किए बना लडाई लड़ रहे हैं। अब तक 300 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 25 दिनों के भीतर कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से दो डॉक्टर और एक आशा कार्यकर्ता की मौत चुकी है। अपनों को खोने का दर्द बयां करते हुए एडीएम मनोज सिंह और अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा की आंखें नम हो गईं, लेकिन यही बताए कि फर्ज पहले और परिवार बाद में है।
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मार्च 2020 से कोरोना की शुरुआत हुई थी। तभी से स्वास्थ्य कर्मी लोगों की कोरोना से बचाव में जुटे हैं। करीब 1700 आशा कार्यकर्ता भी कोरोना से बचाव में लोगों की मदद कर रही हैं। निगरानी समिति में शामिल होकर लोगों को दवाओं का किट उपलब्ध करा रही हैं और उन्हें समुचित उपचार मिले, इसके लिए जरूरी सुझाव भी दे रही हैं। जबकि 350 नियमित स्वास्थ्य कर्मी हैं और करीब 700 संविदा कर्मी हैं। जिले में एसीएमओ के नौ पद हैं और सिर्फ तीन की तैनाती है।
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इसी तरह डिप्टी सीएमओ के सात पद हैं और सभी पद रिक्त हैं। एनेथिसिया के दो डॉक्टर हैं ,जबकि तीन डॉक्टर होना जरूरी है। छह सीएचसी और तीन जगह पीएचसी क्रियाशील हैं। सबसे अधिक मैन पॉवर की कमी है। संसाधन रहते हुए भी मैन पॉवर की कमी से लोगों को बेहतर सेवाएं देने में अड़चन है। कोरोना के शुरुआती दौर में स्वास्थ्य कर्मियों ने पूरी ताकत झोंकी।
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पिछले एक साल से अधिक समय से स्वास्थ्य कर्मी बिना थके, बिना हारे 12-12 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। वैसे अब कोरोना संक्रमण की जद में आने वालों की संख्या में काफी गिरावट आई है। इसकी वजह खुद लोग जागरूक हो गए हैं। कोरोना नियमों का पालन करने लगे हैं।
एडीएम ने मां तो एसीएमओ ने पिता को खोया
अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा ने बताया कि मई के प्रथम सप्ताह में 1200 से 1250 लोगों की जांच होती थी, तब 150 से 200 के बीच लोग पॉजिटिव मिलते थे। अब 2000 लोगों की जांच में सिर्फ 20 से 30 पॉजिटिव मिल रहे हैं। कोरोना संक्रमण की जद में आने वालों की कमी होने के पीछे लोगों का खुद सतर्क होना है।
उन्होंने बताया कि 25 दिनों के भीतर हैंसर सीएचसी के अधीक्षक डॉक्टर बी के सिंह, आयुष चिकित्सक राम मगन और एक आशा कार्यकर्ता की मौत हो चुकी है। जबकि 300 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो चुके है। वैसे अब सिर्फ दस लोग संक्रमित हैं।
एडीएम मनोज सिंह की 84 वर्षीय मां फूलमती की 29 अप्रैल को कोरोना संक्रमण से उपचार के दौरान जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में मौत हो गई थी। 30 को शव रखा रहा और एक मई को एडीएम ने धनघटा क्षेत्र के बिड़हर घाट पर मां के शव का अंतिम संस्कार किए। दो मई को मतगणना की ड्यूटी भी की। कर्तव्य निभाने के लिए गायत्री विधि से तीन दिन बाद ब्रह्मभोज भी कर दिया।
उसके बाद से फिर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। जबकि अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा के पिता 90 वर्षीय संतोषी झा की मौत 20 मई को हो गई थी। पिता की मौत पर अपर सीएमओ अंतिम संस्कार में शामिल होने 20 मई को अपने पैतृक गांव चंपा मधुबनी बिहार गए और फिर 22 मई को लौट आए और फिर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हो गए। दोनों अफसरों ने कहा कि फर्ज पहले है और परिवार बाद में। लोगों का बचाव करना उनका दायित्व है।
उन्होंने बताया कि 25 दिनों के भीतर हैंसर सीएचसी के अधीक्षक डॉक्टर बी के सिंह, आयुष चिकित्सक राम मगन और एक आशा कार्यकर्ता की मौत हो चुकी है। जबकि 300 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो चुके है। वैसे अब सिर्फ दस लोग संक्रमित हैं।
एडीएम मनोज सिंह की 84 वर्षीय मां फूलमती की 29 अप्रैल को कोरोना संक्रमण से उपचार के दौरान जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में मौत हो गई थी। 30 को शव रखा रहा और एक मई को एडीएम ने धनघटा क्षेत्र के बिड़हर घाट पर मां के शव का अंतिम संस्कार किए। दो मई को मतगणना की ड्यूटी भी की। कर्तव्य निभाने के लिए गायत्री विधि से तीन दिन बाद ब्रह्मभोज भी कर दिया।
उसके बाद से फिर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। जबकि अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा के पिता 90 वर्षीय संतोषी झा की मौत 20 मई को हो गई थी। पिता की मौत पर अपर सीएमओ अंतिम संस्कार में शामिल होने 20 मई को अपने पैतृक गांव चंपा मधुबनी बिहार गए और फिर 22 मई को लौट आए और फिर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हो गए। दोनों अफसरों ने कहा कि फर्ज पहले है और परिवार बाद में। लोगों का बचाव करना उनका दायित्व है।