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मनीष गुप्ता हत्याकांड: धारा 302 हटाए गए पांच पुलिसकर्मियों की बढ़ सकती है परेशानी, दोबारा होगी समीक्षा
Wed, 21 Aug 2024 04:05 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Wed, 21 Aug 2024 04:05 PM IST
सार
हत्याकांड में एक इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर, एक मुख्य आरक्षी और एक आरक्षी दोषी पाए गए थे। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामला सीबीआई कोर्ट में ट्रांसफर हुआ। ट्रायल के दौरान सीबीआई ने भी चार्जशीट दाखिल कर दी, जिसके बाद सभी आरोपियों को गोरखपुर जेल से दिल्ली के तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सिर्फ इंस्पेक्टर जेएन सिंह को हत्या में दोषी माना था, जिसके बाद सभी पांच आरोपियों के खिलाफ लगा हत्या का चार्ज हटा दिया गया था।
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दिल्ली हाईकोर्ट, Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता हत्याकांड में जमानत पर रिहा चल रहे गोरखपुर के पांचों पुलिस वालों की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला देते हुए पांचों आरोपियों पर चार्ज फ्रेम करने के आदेश दे दिए हैं। 27 अगस्त को इन पर चार्ज फ्रेम किए जाएंगे।
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यह प्रक्रिया सीबीआई की राउस एवेन्यू कोर्ट में होगी। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता के एडवोकेट केके शुक्ला ने बताया कि हाईकोर्ट ने यह फैसला 31 जुलाई को सुनवाई के बाद दिया है। इस हत्याकांड में एक इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर, एक मुख्य आरक्षी और एक आरक्षी दोषी पाए गए थे।
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सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामला सीबीआई कोर्ट में ट्रांसफर हुआ। ट्रायल के दौरान सीबीआई ने भी चार्जशीट दाखिल कर दी, जिसके बाद सभी आरोपियों को गोरखपुर जेल से दिल्ली के तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सिर्फ इंस्पेक्टर जेएन सिंह को हत्या में दोषी माना था, जिसके बाद सभी पांच आरोपियों के खिलाफ लगा हत्या का चार्ज हटा दिया गया था।
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इन सभी को मारपीट, सबूत मिटाने जैसे मामलों का दोषी बताया गया था। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट में सभी आरोपियों पर हत्या का चार्ज फ्रेम करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। सीबीआई कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश अमित महाजन की कोर्ट ने इस मामले में 31 जुलाई को निर्णय दिया है। हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट से कहा है कि वह पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा हटाए जाने के अपने फैसला की दोबारा समीक्षा करे।
सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
27 सितंबर, 2021 की रात हुई थी मनीष गुप्ता की हत्या
कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके के होटल कृष्णा पैलेस में 27 सितंबर की रात में मौत हो गई थी। परिवार वालों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया था। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने रामगढ़ताल थाने पर तैनात रहे इंस्पेक्टर जगत नारायण, दरोगा अक्षय मिश्र, राहुल दुबे, विजय यादव, कांस्टेबल कमलेश यादव और आरक्षी प्रशांत सहित छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज कराया है।
राउज एवेन्यू कोर्ट में दोबारा से होगी सुनवाई
इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने छह आरोपियों में से पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा हटा ली थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट को आदेश दिया है कि वह अपने आदेश की दोबारा समीक्षा करे। हाईकोर्ट का मानना है कि पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा हटाना सही नहीं है।
27 अगस्त को सीबीआई की राउज एवेन्यू कोर्ट में सब-इंस्पेक्टर राहुल दुबे, सब इंस्पेक्टर विजय यादव, सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा, मुख्य आरक्षी कमलेश यादव, आरक्षी प्रशांत के खिलाफ चार्ज रिफ्रेम किया जाएगा।
10 जनवरी 2023 को जेल से रिहा हुए पांच पुलिस वाले
सीबीआई कोर्ट में हत्या के मुकदमे में सिर्फ इंस्पेक्टर जेएन सिंह पर हत्या का आरोप तय होने के बाद 10 जनवरी 2023 को पांच पुलिसकर्मी तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हो गए। क्योंकि, इन पांचों के खिलाफ सिर्फ मारपीट और धमकी देने की धाराओं में आरोप तय हुआ है। वहीं, इंस्पेक्टर जेएन सिंह अभी तिहाड़ जेल में ही बंद है।
कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके के होटल कृष्णा पैलेस में 27 सितंबर की रात में मौत हो गई थी। परिवार वालों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया था। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने रामगढ़ताल थाने पर तैनात रहे इंस्पेक्टर जगत नारायण, दरोगा अक्षय मिश्र, राहुल दुबे, विजय यादव, कांस्टेबल कमलेश यादव और आरक्षी प्रशांत सहित छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज कराया है।
राउज एवेन्यू कोर्ट में दोबारा से होगी सुनवाई
इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने छह आरोपियों में से पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा हटा ली थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट को आदेश दिया है कि वह अपने आदेश की दोबारा समीक्षा करे। हाईकोर्ट का मानना है कि पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा हटाना सही नहीं है।
27 अगस्त को सीबीआई की राउज एवेन्यू कोर्ट में सब-इंस्पेक्टर राहुल दुबे, सब इंस्पेक्टर विजय यादव, सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा, मुख्य आरक्षी कमलेश यादव, आरक्षी प्रशांत के खिलाफ चार्ज रिफ्रेम किया जाएगा।
10 जनवरी 2023 को जेल से रिहा हुए पांच पुलिस वाले
सीबीआई कोर्ट में हत्या के मुकदमे में सिर्फ इंस्पेक्टर जेएन सिंह पर हत्या का आरोप तय होने के बाद 10 जनवरी 2023 को पांच पुलिसकर्मी तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हो गए। क्योंकि, इन पांचों के खिलाफ सिर्फ मारपीट और धमकी देने की धाराओं में आरोप तय हुआ है। वहीं, इंस्पेक्टर जेएन सिंह अभी तिहाड़ जेल में ही बंद है।