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Gorakhpur News: पुलिस की मुस्तैदी से बची जान, दोस्तों से उठा भरोसा

Sat, 20 Dec 2025 01:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2025 01:26 AM IST
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The police's vigilance saved a life, but trust in friends was lost.
रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल के अपहरण और फिरौती मांगने का मामला

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- पुलिस की कार्रवाई को सराहा, बोले- जीवन का सबसे भयावह अनुभव मिला
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल के अपहरण-फिरौती के मामले में पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित ने राहत की सांस ली है। अशोक जायसवाल ने कहा कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय न होती तो उनकी जान बचना मुश्किल था। उन्होंने जीवन का सबसे भयावह अनुभव बताते हुए कहा कि घटना ने दोस्तों और करीबी लोगों से भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि अपहरण की साजिश अशोक जायसवाल के ही किरायेदार और सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी उर्फ पिंटू ने रची थी। उसने अपने दो सहयोगियों देवेश मणि त्रिपाठी उर्फ तरुण और इंद्रेश तिवारी उर्फ मोनू के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। प्रदीप ने व्यापार के नाम पर अशोक से करीब पांच लाख रुपये उधार लिए थे और उनके मकान में सोने-चांदी की दुकान भी खोल रखी थी। बाद में आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में उसने अपहरण की साजिश को अंजाम देने के लिए अपराधियों से संपर्क किया।
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अशोक जायसवाल ने बताया कि आरोपी के जेल जाने के बाद न तो उसके परिवार के किसी सदस्य ने उनसे संपर्क किया और न ही किसी तरह की सफाई दी गई। उधार दिया गया रुपया भी फिलहाल फंस गया है। पीड़ित का कहना है कि इस समय उनकी सबसे बड़ी राहत यह है कि वे जीवित हैं। उन्होंने कहा, कि जान बच गई, अब रुपये मिले या न मिले, फर्क नहीं पड़ता। पैसा फिर कमा लिया जाएगा, लेकिन जान दोबारा नहीं मिलती।
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वारदात के बाद सुरक्षा को लेकर अशोक जायसवाल ने कई अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने अपने घर और हॉस्पिटल में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे बदलवा दिए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। उनका कहना है कि अब वे किसी पर आसानी से भरोसा नहीं कर पाएंगे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया जा चुका है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के संगठित अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून को चुनौती देने की हिम्मत न कर सके।
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