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Gorakhpur News: गैंगस्टर एक्ट के आरोपी पूर्व रेलकर्मी का एक करोड़ का मकान कुर्क
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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी पुलिस की गिरफ्त में। स्रोत सोशल मीडिया
- भर्ती परिणाम में हेराफेरी कर बेटे को नौकरी दिलाने का था आरोप, एम्स थाना पुलिस की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेलवे ग्रुप-डी भर्ती में हुई धांधली के मामले में गैंगस्टर एक्ट के आरोपी पूर्व रेलकर्मी चंद्रशेखर आर्य के खिलाफ बृहस्पतिवार को एम्स थाना पुलिस ने कार्रवाई की। शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर इलाके में स्थित उसके मकान को कुर्क कर लिया। पुलिस के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
आरोपी चंद्रशेखर आर्य मूल रूप से गाजीपुर जिले का निवासी है। यह कार्रवाई कैंट थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के प्राथमिकी के तहत की गई, जिसकी विवेचना एम्स थाना पुलिस कर रही थी।
पूरा मामला रेलवे भर्ती बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में हुई कथित हेराफेरी से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान परिणामों में छेड़छाड़ कर चंद्रशेखर आर्य ने अपने बेटे राहुल प्रताप का नाम चयन सूची में शामिल कराया था। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद 15 जून को कैंट थाना पुलिस ने पूर्व रेलकर्मी चंद्रशेखर आर्य, उसके बेटे राहुल प्रताप, एक अन्य पूर्व रेलकर्मी राम सजीवन और उसके बेटे सौरभ के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने की धारा में प्राथमिकी दर्ज किया गया था।
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इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का सरगना शाहपुर क्षेत्र की रेलवे मॉडल कॉलोनी में रहने वाला राम सजीवन है, जो रेलवे भर्ती बोर्ड में कार्यरत रह चुका है। आरोप है कि उसने अपने प्रभाव और पद का दुरुपयोग करते हुए भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं और अपने बेटे समेत अन्य को लाभ पहुंचाने की साजिश रची।
बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव की मौजूदगी में एम्स थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने पुलिस बल के साथ राप्तीनगर स्थित मकान पर कुर्की की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान डुगडुगी बजाकर आसपास के लोगों को सरकारी कार्रवाई की जानकारी दी गई और संबंधित नोटिस मकान पर चस्पा किया गया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि चंद्रशेखर आर्य मूल रूप से गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र के बरहपार नसरतपुर गांव का रहने वाला है। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी और संगठित अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेलवे ग्रुप-डी भर्ती में हुई धांधली के मामले में गैंगस्टर एक्ट के आरोपी पूर्व रेलकर्मी चंद्रशेखर आर्य के खिलाफ बृहस्पतिवार को एम्स थाना पुलिस ने कार्रवाई की। शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर इलाके में स्थित उसके मकान को कुर्क कर लिया। पुलिस के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
आरोपी चंद्रशेखर आर्य मूल रूप से गाजीपुर जिले का निवासी है। यह कार्रवाई कैंट थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के प्राथमिकी के तहत की गई, जिसकी विवेचना एम्स थाना पुलिस कर रही थी।
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पूरा मामला रेलवे भर्ती बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में हुई कथित हेराफेरी से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान परिणामों में छेड़छाड़ कर चंद्रशेखर आर्य ने अपने बेटे राहुल प्रताप का नाम चयन सूची में शामिल कराया था। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद 15 जून को कैंट थाना पुलिस ने पूर्व रेलकर्मी चंद्रशेखर आर्य, उसके बेटे राहुल प्रताप, एक अन्य पूर्व रेलकर्मी राम सजीवन और उसके बेटे सौरभ के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने की धारा में प्राथमिकी दर्ज किया गया था।
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इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का सरगना शाहपुर क्षेत्र की रेलवे मॉडल कॉलोनी में रहने वाला राम सजीवन है, जो रेलवे भर्ती बोर्ड में कार्यरत रह चुका है। आरोप है कि उसने अपने प्रभाव और पद का दुरुपयोग करते हुए भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं और अपने बेटे समेत अन्य को लाभ पहुंचाने की साजिश रची।
बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव की मौजूदगी में एम्स थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने पुलिस बल के साथ राप्तीनगर स्थित मकान पर कुर्की की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान डुगडुगी बजाकर आसपास के लोगों को सरकारी कार्रवाई की जानकारी दी गई और संबंधित नोटिस मकान पर चस्पा किया गया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि चंद्रशेखर आर्य मूल रूप से गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र के बरहपार नसरतपुर गांव का रहने वाला है। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी और संगठित अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।