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अपहरण, दुष्कर्म व हत्या: 187 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, घर से ही ले गया था चाकू- विधायक का भी रह चुका है गनर
Thu, 06 Aug 2026 02:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 02:19 AM IST
सार
पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का मिलान सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से किया है। डिजिटल डिवाइस, कपड़े और जैविक नमूनों की जांच को भी चार्जशीट का अहम हिस्सा बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के बयान को अकेला आधार नहीं बनाया गया है, बल्कि हर तथ्य का वैज्ञानिक साक्ष्यों से सत्यापन किया गया है।
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पुलिस हिरासत के समय आरोपी सिपाही( लाल घेरे में)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
जिला अस्पताल से अपहरण करके दरिंदगी के बाद 10 साल की बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने घटना के छठवें दिन बुधवार को कोर्ट में 187 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में तथ्यों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने घटना को सोची-समझी साजिश दर्शाया है।
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आरोपी घर से सब्जी काटने वाला चाकू लेकर जिला अस्पताल गया था और दुष्कर्म के बाद उसने हत्या की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी घटना वाली रात पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी कमरे से चाकू लेकर निकला था।
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पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी को घटनास्थल, शव मिलने वाले स्थान और पुलिस लाइंस स्थित उसके सरकारी कमरे में ले जाकर सीन रीक्रिएशन कराया गया। कमरे की जांच के बाद उसे सील कर दिया गया। यहां से मिले साक्ष्यों को भी विवेचना में शामिल किया गया है।
आरोप पत्र में पुलिस ने बहन का बयान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, जैविक नमूने और परिस्थिति जन्य साक्ष्यों को प्रमुख आधार बनाया है। मुकदमे की सुनवाई पुलिस अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू कराने की तैयारी में है ताकि आरोपी को जल्द सजा दिलाई जा सके।
आरोप पत्र में पुलिस ने बहन का बयान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, जैविक नमूने और परिस्थिति जन्य साक्ष्यों को प्रमुख आधार बनाया है। मुकदमे की सुनवाई पुलिस अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू कराने की तैयारी में है ताकि आरोपी को जल्द सजा दिलाई जा सके।
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पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने से पहले अभियोजन अधिकारियों से कानूनी राय भी ली है, ताकि सुनवाई के दौरान कोई तकनीकी बाधा न आए। अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में हर साक्ष्य का विधिक परीक्षण कराया गया है।
सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और फॉरेंसिक रिपोर्ट बनीं आधार: पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का मिलान सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से किया है। डिजिटल डिवाइस, कपड़े और जैविक नमूनों की जांच को भी चार्जशीट का अहम हिस्सा बनाया गया है।
सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और फॉरेंसिक रिपोर्ट बनीं आधार: पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का मिलान सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से किया है। डिजिटल डिवाइस, कपड़े और जैविक नमूनों की जांच को भी चार्जशीट का अहम हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के बयान को अकेला आधार नहीं बनाया गया है, बल्कि हर तथ्य का वैज्ञानिक साक्ष्यों से सत्यापन किया गया है। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की कुछ रिपोर्ट अभी लंबित हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस इन्हें पूरक चार्जशीट के माध्यम से कोर्ट में दाखिल करेगी, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला और मजबूत होगा।
विधायक का गनर भी रह चुका है अभिषेक : अभिषेक यादव पहले गोरखपुर की एक विधानसभा सीट से भाजपा विधायक का गनर रह चुका है। विधायक की गाड़ी दुर्घटना में वह घायल हुआ था। इसके बाद वह पुलिस लाइन में तैनात था।
विधायक का गनर भी रह चुका है अभिषेक : अभिषेक यादव पहले गोरखपुर की एक विधानसभा सीट से भाजपा विधायक का गनर रह चुका है। विधायक की गाड़ी दुर्घटना में वह घायल हुआ था। इसके बाद वह पुलिस लाइन में तैनात था।