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Gorakhpur News: चिड़ियाघर के पास फायरिंग के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
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गोरखपुर। चिड़ियाघर के पास रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में युवक को गोली मारने और उसके साथी पर हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पंकज शाही, गगहा थाने का हिस्ट्रीशीटर युवराज सिंह और राहुल सिंह शामिल हैं। फिलहाल रामगढ़ताल पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, घटना 10 मार्च की रात की है। बड़हलगंज क्षेत्र के महुआपार निवासी पंकज शाही ने बुद्ध विहार पार्ट-सी में रहने वाले शशांक त्रिपाठी को करीब साढ़े तीन लाख रुपये लौटाने के बहाने चिड़ियाघर के पास बुलाया था। जब शशांक अपने मित्र प्रियांशु सिंह के साथ वहां पहुंचे, तब पहले से मौजूद युवराज सिंह, राहुल सिंह और उनके एक अन्य साथी ने अचानक दोनों पर हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें गोला क्षेत्र के दीपगढ़ निवासी प्रियांशु सिंह के दोनों पैरों में गोली लग गई। वहीं शशांक त्रिपाठी के सिर पर पिस्टल के बट से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि घटना से तीन दिन पहले ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने युवराज गैंग की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद युवराज अपने साथियों के साथ चिड़ियाघर क्षेत्र में पहुंच गया और वारदात को अंजाम दे दिया।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक युवराज सिंह गगहा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। उस पर पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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जानकारी के अनुसार, घटना 10 मार्च की रात की है। बड़हलगंज क्षेत्र के महुआपार निवासी पंकज शाही ने बुद्ध विहार पार्ट-सी में रहने वाले शशांक त्रिपाठी को करीब साढ़े तीन लाख रुपये लौटाने के बहाने चिड़ियाघर के पास बुलाया था। जब शशांक अपने मित्र प्रियांशु सिंह के साथ वहां पहुंचे, तब पहले से मौजूद युवराज सिंह, राहुल सिंह और उनके एक अन्य साथी ने अचानक दोनों पर हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें गोला क्षेत्र के दीपगढ़ निवासी प्रियांशु सिंह के दोनों पैरों में गोली लग गई। वहीं शशांक त्रिपाठी के सिर पर पिस्टल के बट से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
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चौंकाने वाली बात यह है कि घटना से तीन दिन पहले ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने युवराज गैंग की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद युवराज अपने साथियों के साथ चिड़ियाघर क्षेत्र में पहुंच गया और वारदात को अंजाम दे दिया।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक युवराज सिंह गगहा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। उस पर पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।