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UP Nikay Chunav 2023: कोलकाता के सीए से खुली टैक्स चोरी की कुंडली, साथ ले गई सील किए दस्तावेज
Mon, 01 May 2023 01:05 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 01 May 2023 01:05 PM IST
सार
टीम के हाथ कुछ अहम सबूत भी लगे हैं, जिसमें आर्थिक लेनदेन और कर चोरी के मामले बनते हैं। आयकर सूत्रों ने बताया कि ये पूरा मामला कोलकाता से उठकर सामने आया। बताया जाता है कि गैलेंट समूह का एक चार्टर्ड एकाउंटेट कोलकाता में भी है। दो साल पहले ही कंपनी की तरफ से नियुक्ति हुई थी।
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आयकर विभाग
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गैलेंट ग्रुप की फैक्टिरियों और बिल्डर शोभित मोहन दास अग्रवाल के संस्थानों पर पांच दिनों तक छानबीन के बाद आयकर की टीमें रविवार को दोपहर में करीब दो बजे लौट गईं। टीमें जुटाए गए दस्तावेजों के साथ जब्ती के समय गवाही का पंचनामा भी भरवाकर साथ ले गईं हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, टीम के हाथ कुछ अहम सबूत भी लगे हैं, जिसमें आर्थिक लेनदेन और कर चोरी के मामले बनते हैं। आयकर सूत्रों ने बताया कि ये पूरा मामला कोलकाता से उठकर सामने आया। बताया जाता है कि गैलेंट समूह का एक चार्टर्ड एकाउंटेट कोलकाता में भी है। दो साल पहले ही कंपनी की तरफ से नियुक्ति हुई थी।
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गैलेंट समूह की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आने पर दो टीमें मुंबई और कोलकाता भी गई थीं। मुंबई में नितिन नाम से समूह का एक टेक्निकल डायरेक्टर है। टीम ने जब पूछताछ शुरू की तो वहां कुछ खास बात सामने नहीं आई। दूसरी टीम ने जब कोलकाता के सीए से पूछताछ शुरू की तो वो टूट गया। उसने गैलेंट समूह के आय-व्यय की पूरी जानकारी दे दी।
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कोलकाता से ही फर्म के नाम पर शेल कंपनियों की जानकारी भी आयकर टीम को मिली। बताया कि शेल कंपनियों के द्वारा ही वित्तीय लेन-देन चल रहा था। इसी आधार पर गोरखपुर आई टीम ने अपनी जांच में कई कड़ियों को जब जोड़ा तो सारा मामला सामने आने लगा।
राजेंद्र नगर के एक स्क्रैप कारोबारी से भी की थी पूछताछ
26 अप्रैल को देश के विभिन्न राज्यों से आईं आयकर की कुल सात टीमों ने गैलेंट ग्रुप, बिल्डर शोभित मोहन दास और उनके करीबियों के यहां गहन छानबीन की। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने यह भी पड़ताल की है कि गैलेंट ग्रुप ने कब-कब, कहां-कहां से स्क्रैप मंगाया है और उससे कितना प्रोडक्शन किया जाता है। इसी आधार पर फर्म की कमाई का अनुमानित आय का रिकॉर्ड खंगाला गया।
सूत्र बताते हैं, शनिवार को टीम एक स्क्रैप व्यापारी के तलाश में थी। इसी बीच राजेंद्र नगर के एक स्क्रैप व्यापारी का पता मिला। टीम राजेंद्रनगर गई, लेकिन व्यापारी नहीं मिले। व्यापारी के बेटे को आयकर की टीम अपने साथ लेते आई। हालांकि, तीन घंटे बाद पिता के आने पर बेटे को टीम ने जाने दिया। पिता से स्क्रैप के संबंध में पूरी जानकारी लेने के बाद टीम ने उन्हें भी वापस भेज दिया।
शेल कंपनियों से 100 करोड़ से ऊपर के लेन-देन पर मुकदमा
आयकर विभाग के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि जांच के समय किसी भी फर्म की तरफ से शेल कंपनियों (फर्जी) द्वारा 100 करोड़ रुपये से ऊपर के लेन-देन का रिकाॅर्ड आता है, तो आयकर विभाग संबंधित पर मुकदमा दर्ज कर लेती है। इसकी सूचना प्रवर्तन दल को दी जाती है। शेल कंपनियों के द्वारा वित्तीय लेन-देन फाइनेंशियल फ्रॉड की श्रेणी में आता है। ऐसे में इन कंपनियों के माध्यम से वित्तीय लेनदेन को मनी लांड्रिंग में रख लिया जाता। इसमें जांच के दायरे में व्यक्ति की गिरफ्तारी तक की जाती है।
छापे के दौरान भी होता रहा सरिया का उत्पादन
गोरखपुर। छापे की कार्रवाई के दौरान गैलेंट ग्रुप में सरिया का उत्पादन चारों दिन चलता रहा। सिर्फ गाड़ियों के अंदर आने-जाने पर रोक लगी थी। बुधवार से शुरू हुई जांच के दौरान भी कर्मचारी अपना काम करते रहे। इस दौरान जांच टीम की तरफ से कोई दखल नहीं दी गई।
सूत्र बताते हैं, शनिवार को टीम एक स्क्रैप व्यापारी के तलाश में थी। इसी बीच राजेंद्र नगर के एक स्क्रैप व्यापारी का पता मिला। टीम राजेंद्रनगर गई, लेकिन व्यापारी नहीं मिले। व्यापारी के बेटे को आयकर की टीम अपने साथ लेते आई। हालांकि, तीन घंटे बाद पिता के आने पर बेटे को टीम ने जाने दिया। पिता से स्क्रैप के संबंध में पूरी जानकारी लेने के बाद टीम ने उन्हें भी वापस भेज दिया।
शेल कंपनियों से 100 करोड़ से ऊपर के लेन-देन पर मुकदमा
आयकर विभाग के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि जांच के समय किसी भी फर्म की तरफ से शेल कंपनियों (फर्जी) द्वारा 100 करोड़ रुपये से ऊपर के लेन-देन का रिकाॅर्ड आता है, तो आयकर विभाग संबंधित पर मुकदमा दर्ज कर लेती है। इसकी सूचना प्रवर्तन दल को दी जाती है। शेल कंपनियों के द्वारा वित्तीय लेन-देन फाइनेंशियल फ्रॉड की श्रेणी में आता है। ऐसे में इन कंपनियों के माध्यम से वित्तीय लेनदेन को मनी लांड्रिंग में रख लिया जाता। इसमें जांच के दायरे में व्यक्ति की गिरफ्तारी तक की जाती है।
छापे के दौरान भी होता रहा सरिया का उत्पादन
गोरखपुर। छापे की कार्रवाई के दौरान गैलेंट ग्रुप में सरिया का उत्पादन चारों दिन चलता रहा। सिर्फ गाड़ियों के अंदर आने-जाने पर रोक लगी थी। बुधवार से शुरू हुई जांच के दौरान भी कर्मचारी अपना काम करते रहे। इस दौरान जांच टीम की तरफ से कोई दखल नहीं दी गई।