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UP Election 2022: स्वामी प्रसाद मौर्य व अजय कुमार लल्लू कड़ी लड़ाई में फंसे, इन मंत्रियों की भी बढ़ी मुश्किलें
Fri, 04 Mar 2022 01:33 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 04 Mar 2022 01:33 PM IST
सार
गोरखपुर-बस्ती मंडल की 41 विधानसभा सीटों पर छठवें चरण में बृहस्पतिवार को चुनाव कराए गए। मतदाताओं से बातचीत के बाद जो समझ में आया है, उसके मुताबिक, राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी भी जातीय समीकरण में उलझ गए हैं।
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अजय कुमार लल्लू और स्वामी प्रसाद मौर्य।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
वोटों के बिखराव ने दिग्गज प्रत्याशियों के जीत-हार का समीकरण बिगाड़ दिया है। ज्यादातर दिग्गज त्रिकोणीय लड़ाई में फंस गए हैं। योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही व बेसिक शिक्षामंत्री सतीश द्विवेदी की चुनौती बढ़ी है। वहीं, सपा से चुनाव मैदान में उतरे स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी अपने-अपने गढ़ में फंसे हैं। कौन जीतेगा या कौन हारेगा, यह कह पाना कठिन हो रहा है।
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गोरखपुर-बस्ती मंडल की 41 विधानसभा सीटों पर छठवें चरण में बृहस्पतिवार को चुनाव कराए गए। मतदाताओं से बातचीत के बाद जो समझ में आया है, उसके मुताबिक, राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी भी जातीय समीकरण में उलझ गए हैं। बताया जा रहा है कि देवरिया की पथरदेवा सीट से चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को कड़ी टक्कर मिली है।
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इस सीट से सपा प्रत्याशी ब्रह्माशंकर त्रिपाठी मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। ठीक यही हाल सिद्धार्थनगर की इटवा विधानसभा सीट का है। इस सीट से भाजपा ने बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी को उतारा है। सपा से विधान परिषद के पूर्व सभापति माता प्रसाद पांडेय चुनाव लड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि डॉ. सतीश व माता प्रसाद के बीच कांटे की टक्कर हुई है।
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योगी सरकार में मंत्री रहे और सपा का दामन थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य भी कठिन लड़ाई में फंसे हैं। इस सीट से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र कुशवाहा, उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं। दरअसल, स्वामी का खेल बसपा ने बिगाड़ा है। बसपा ने इस सीट से इलियास अंसारी को प्रत्याशी बनाया है। इलियास पुराने समाजवादी हैं। सपा से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने भाजपा से आए स्वामी प्रसाद मौर्य को प्रत्याशी बना दिया है। इसी का नतीजा रहा कि इलियास ने बगावत कर दी और बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में कूद पड़े। बसपा प्रत्याशी जितना वोट पाएंगे, उसका नुकसान सपा प्रत्याशी को उठाना पड़ सकता है।
इसी तरह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी कठिन लड़ाई में फंसे हैं। लल्लू को निषाद पार्टी-भाजपा प्रत्याशी डॉ. असीम कुमार राय से कड़ी चुनौती मिली है। सपा प्रत्याशी उदय नारायण गुप्ता भी मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। लिहाजा, लल्लू त्रिकोणीय लड़ाई में फंसे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, पिछले दस वर्षों से इस सीट से विधायक हैं। तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। लिहाजा, एंटी इनकंबेंसी का सामना भी करना पड़ रहा है। क्षेत्र की जनता बदलाव की बात कर रही है। हालांकि, लल्लू का खेमा जीत का दम भर रहा है।