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रोहिंग्या का शक: गोरखपुर के बहरामपुर में संदिग्धों की संख्या 200 के पार, अब आधार कार्ड का होगा सत्यापन
Thu, 11 Dec 2025 12:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:06 PM IST
सार
पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शक है कि इनमें बड़ी संख्या रोहिंग्या की हो सकती है, जो खुद को असम के बरपेटा जिले का निवासी बताकर पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके रहन-सहन और बोलचाल से भी संदेह गहरा रहा है।
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रेलवे स्टेशन रोड पर डाक बंगले के सामने झोपड़ी डालकर रह रहे लोगों का हो रहा सत्पायन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर में संदिग्ध रूप से रह रहे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। शहर के राजघाट इलाके के बहरामपुर में रहने वाले ऐसे लोगों की संख्या 200 के पार पहुंच गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शक है कि इनमें बड़ी संख्या रोहिंग्या की हो सकती है, जो खुद को असम के बरपेटा जिले का निवासी बताकर पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके रहन-सहन और बोलचाल से भी संदेह गहरा रहा है।
राजघाट के बहरामपुर क्षेत्र में लंबे समय से झुग्गियों में रह रहे इन संदिग्ध लोगों की गतिविधियों को लेकर कई बार स्थानीय लोगों ने भी सवाल उठाए हैं। प्रशासन को जानकारी मिलने के बाद टीमों ने इन सभी के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि संदिग्धों की ओर से प्रस्तुत किए गए आधार कार्ड असम के बरपेटा जिले से जारी दिखाए गए हैं।
अब इन दस्तावेजों को सत्यापन के लिए असम भेजा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये पहचान असली हैं या फर्जी। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन लोगों की भाषा, लहजा और रहन-सहन इस क्षेत्र के मूल निवासियों से बिल्कुल भिन्न है जिससे संदेह और गहरा हो जाता है।
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रेलवे स्टेशन के पास भी संदिग्ध
गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास भी ऐसे कई संदिग्ध लोग रहते हैं, जो खुद को गुजराती बताकर पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। यहां झुग्गियों में रहने वाले लोग रजाई-गद्दा बनाते हैं। साथ ही स्टेशन पर भी सामान बेचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन लोगों के दस्तावेज की भी जांच होनी चाहिए।
संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उनका सत्यापन किया जा रहा है: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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राजघाट के बहरामपुर क्षेत्र में लंबे समय से झुग्गियों में रह रहे इन संदिग्ध लोगों की गतिविधियों को लेकर कई बार स्थानीय लोगों ने भी सवाल उठाए हैं। प्रशासन को जानकारी मिलने के बाद टीमों ने इन सभी के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि संदिग्धों की ओर से प्रस्तुत किए गए आधार कार्ड असम के बरपेटा जिले से जारी दिखाए गए हैं।
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अब इन दस्तावेजों को सत्यापन के लिए असम भेजा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये पहचान असली हैं या फर्जी। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन लोगों की भाषा, लहजा और रहन-सहन इस क्षेत्र के मूल निवासियों से बिल्कुल भिन्न है जिससे संदेह और गहरा हो जाता है।
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रेलवे स्टेशन के पास भी संदिग्ध
गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास भी ऐसे कई संदिग्ध लोग रहते हैं, जो खुद को गुजराती बताकर पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। यहां झुग्गियों में रहने वाले लोग रजाई-गद्दा बनाते हैं। साथ ही स्टेशन पर भी सामान बेचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन लोगों के दस्तावेज की भी जांच होनी चाहिए।
संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उनका सत्यापन किया जा रहा है: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी