गोविवि: विद्यार्थी मोबाइल फोन पर भी देख सकेंगे जांची हुईं कापियां, बनेगा लॉगिन-पासवार्ड
- मूल्यांकन कराकर कापियां को ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा गोविवि
- हर विद्यार्थी का होगा अलग लॉगिन और पासवर्ड
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थी सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षा की कापियों को मूल्यांकन के बाद अपने मोबाइल पर भी देख सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन सभी कापियों को मूल्यांकन के बाद ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए परीक्षा देने वाले सभी विद्यार्थियों का लॉगिन एवं पासवर्ड बनेगा। अपनी कापियों को देखने के लिए जब वह निर्धारित शुल्क जमा करेंगे उसके बाद उनकी कापियां मोबाइल व कंप्यूटर पर खुल जाएंगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कापियों के मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन के साथ ही जांची हुईं कापियों को ऑनलाइन देखने की भी व्यवस्था कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एक एजेंसी तय की जाएगी, जो सभी विद्यार्थियों का लॉगिन व पासवर्ड तैयार करेगी।
मूल्यांकन के बाद सभी कापियों को स्कैन कर सर्वर पर उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यार्थी को अगर किसी विषय में कम नंबर मिलने की आशंका है तो वह ऑनलाइन ही शुल्क जमा करके अपनी कापियों का मूल्यांकन देख सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन महीने में इस प्रक्रिया को पूरा कराने का लक्ष्य बनाया है।
एक दिन में 10-15 कापियां चेक कर पाएंगे शिक्षक
मूल्यांकन प्रक्रिया में भी अब शिक्षक मनमानी तरीके से कापियां नहीं चेक कर पाएंगे। ऑनलाइन व्यवस्था ऐसी बनाई जा रही है कि शिक्षक एक दिन में अधिकतम 10 से 15 कापियां चेक कर पाएंगे।
नंबर देने के बाद ही दूसरा पेज खुलेगा
ऑनलाइन मूल्यांकन में एक और व्यवस्था की जा रही है। शिक्षक जब एक पेज को चेक कर लेंगे और नंबर फीड करेंगे तभी दूसरा पेज खुलेगा। यानी उन्हें हर पेज को चेक करना ही पड़ेगा। अभी तक कापियों के मूल्यांकन में पहले पेज पर ही अंक दिया जाता है।
इससे अंदर के पेज छूटने का भी डर रहता है। कई बार ऐसी शिकायतें भी हुई है और दोबारा मूल्यांकन में ऐसा पाया भी गया है कि शिक्षक ज्यादा कापियां जांचने के फेर में कभी-कभी भीतर के पेज छोड़ भी देेेते हैं। नई व्यवस्था से ऐसा संभव नहीं हो पाएगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बहुत सारे बदलाव किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कापियों को मूल्यांकन कराने के बाद सर्वर के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना है। इससे विद्यार्थी को कापियां देखने में आसानी होगी, वह शुल्क जमा करके ऑनलाइन ही कापियों को देख सकेगा।