{"_id":"6a77998eff2841f75f0c6c1d","slug":"stock-of-factor-vii-and-viii-exhausted-at-the-medical-college-for-four-days-hemophilia-patients-are-in-agony-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1412607-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: मेडिकल कॉलेज में चार दिन से फैक्टर सात-आठ खत्म, तड़प रहे हीमोफीलिया रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: मेडिकल कॉलेज में चार दिन से फैक्टर सात-आठ खत्म, तड़प रहे हीमोफीलिया रोगी
विज्ञापन
गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में फैक्टर सात व आठ खत्म होने से हीमोफीलिया रोगियों की परेशानी बढ़ गई हैं। इलाज के दौरान मरीजों को चढ़ाए जाने वाले उपयोगी फैक्टर सात व आठ चार दिन से नहीं हैं। ऐसे में रक्तस्राव की समस्या लेकर पहुंच रहे रोगियों को फैक्टर नहीं मिल पा रहा है। तीमारदारों को बाजार से महंगी दवा खरीदने पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया के 436 रोगी पंजीकृत हैं। इनमें करीब 350 को फैक्टर आठ की जरूरत पड़ती है। फैक्टर सात और आठ की आपूर्ति बाधित होने से इनके सामने उपचार का संकट खड़ा हो गया है।
हीमोफीलिया के रोगियों को अक्सर अंदरूनी रक्तस्राव होने पर इस तरह का दर्द होता है। इसकी आशंका में वह फैक्टर लगवाने मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें भी फैक्टर नहीं मिल रहा है। बताया गया कि 250 और 500 मिलीलीटर वाला फैक्टर आठ खत्म हो गया है। इसके बाद उन्होंने बाजार से दर्द की दवा ली। घर पर सेंकाई भी कर रहे हैं लेकिन दर्द से राहत नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
-- -
कोट
संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ से फैक्टर आते हैं। डिमांड की गई है। आते ही मरीजों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- डा. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया के 436 रोगी पंजीकृत हैं। इनमें करीब 350 को फैक्टर आठ की जरूरत पड़ती है। फैक्टर सात और आठ की आपूर्ति बाधित होने से इनके सामने उपचार का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
हीमोफीलिया के रोगियों को अक्सर अंदरूनी रक्तस्राव होने पर इस तरह का दर्द होता है। इसकी आशंका में वह फैक्टर लगवाने मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें भी फैक्टर नहीं मिल रहा है। बताया गया कि 250 और 500 मिलीलीटर वाला फैक्टर आठ खत्म हो गया है। इसके बाद उन्होंने बाजार से दर्द की दवा ली। घर पर सेंकाई भी कर रहे हैं लेकिन दर्द से राहत नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
कोट
संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ से फैक्टर आते हैं। डिमांड की गई है। आते ही मरीजों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- डा. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य