गोरखपुर: कोरोना काल में पति-सास के देहांत पर नहीं हारी हिम्मत, सिलाई कर परिवार चला रहीं श्वेता
कोरोना का टूटा कहर, जन शिक्षण संस्थान से मिला सहारा, पति-सास को कोराना निगल गया, नहीं हारी हिम्मत, सिलाई कर परिवार चला रहीं श्वेता।
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गोरखपुर में कोरोना काल में पहले पति और फिर सास की मृत्यु होने से अंधकारमय हुए भविष्य को तारामंडल निवासी श्वेता श्रीवास्तव ने हिम्मत से संवार डाला। इस कठिन समय में जन शिक्षण संस्थान उनका सहारा बना। संस्थान ने उन्हें सिलाई-कटाई की ट्रेनिंग देकर कपड़े सिलने में कुशल बना दिया। श्वेता ने घर पर कपड़े सिलने शुरू किए, अब वह अपना बुटीक खोलने की तैैयारी कर रही हैं।
श्वेता बताती हैं के पति आलोक श्रीवास्तव का इंजिन ऑयल ट्रेडिंग का कारोबार था। दो बच्चे, पति और सास के साथ उनका जीवन अच्छे से गुजर रहा था। कोरोना की दूसरी लहर में पहले पति की मृत्यु हुई, चंद माह के भीतर ही सास की भी मौत हो गई। श्वेता बताती हैं कि अपनों के जाने के बाद उन्हें अपना और बच्चों का भविष्य अंधकारमय लगा। दुख से संभली तो पास ही रहने वाली सोनी चौहान ने जन शिक्षण संस्थान के बारे में बताया।
जुलाई 2021 में उन्होंने संस्थान मेें निशुल्क सिलाई-कटाई कोर्स करना शुरू किया। बताती हैं कि सीखने के साथ ही उन्होंने कपड़ों की सिलाई कर थोड़ी बहुत कमाई शुरू कर दी। अच्छा काम देखते हुए मोहल्ले की महिलाएं, उनसे फैंसी कपड़े, सूट, गाउन, प्लाजो आदि सिलवाने लगीं। श्वेता कहती हैं कि बच्चों को बेहतर परवरिश देने के लिए कारोबार और बढ़ाना पड़ेगा। अब वह साथी सोनी चौहान के साथ मिलकर घर में बुटीक खोलने की तैयारी कर रही हैं।
ट्रेनिंग पाकर खोला खुद का ब्यूटी पार्लर
एकला बाजार निवासी शिल्पा मझवार वर्तमान में अपना ब्यूटी पार्लर चला रही हैं। शिल्पा ने भी जन शिक्षण संस्थान से स्किल केयर और ब्यूटीशियन का कोर्स किया। शिल्पा बताती हैं कि इंटरमीडिएट करने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए रोजगार करने का निर्णय लिया। संस्थान में ट्रेनर रूबी ने स्किन केयर और ब्यूटीशियन के हुनर सिखाए। ट्रेनिंग के दौरान ही काम कर पैसा कमाया। अब खुद का ब्यूटी पार्लर चला रहीं हैं।