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यूपी: जहरीला गेहूं खाने से सात मोर व दो तीतर की मौत, राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
Sat, 04 Dec 2021 11:43 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 04 Dec 2021 11:43 AM IST
सार
खोराबार थाने ने डीएफओ को पक्षियों की मौत की सूचना शुक्रवार को दी थी। जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने पोस्टमार्टम कराया तो पता चला कि जहरीला भोजन खाने से उनकी मौत हुई है।
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सातों मोर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
तिनकोनिया रेंज के बहरामपुर गांव में जहरीला गेहूं खाने से सात मोर और दो तीतर की मौत हो गई। पोस्टमार्टम से मौत के कारण के संबंध में यही संकेत मिले हैं। लेकिन अनुमान की पुष्टि के लिए मृत पक्षियों का विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए बरेली अनुसंधान केंद्र भेजा गया है। राष्ट्रीय पक्षी होने के नाते पोस्टमार्टम के बाद सातों मोर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
डीएफओ विकास यादव ने बताया कि शुक्रवार को खोराबार थाने से सूचना मिली कि गांव में कुछ पक्षी मृत मिले हैं। टीम को मौके पर भेजा गया तो सात मोर व दो तीतर मृत मिले। चिड़ियाघर, पशु अस्पताल में तीन पशु चिकित्साधिकारियों की टीम ने पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि जहरीला भोजन खाने से उनकी मौत हुई है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सभी की मौत लगभग एक ही अवस्था में हुई थी। उनके पेट में गेहूं के दाने मिले। आशंका है कि बुआई के दौरान पक्षियों ने कीटनाशक लगे गेहूं के बीज खा लिए होंगे, जिससे उनकी जान चली गई। लेकिन अभी दावे से कुछ कहना मुश्किल होगा। विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम तौर पर कुछ कहा जा सकेगा।
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क्या होता है विसरा
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने या किसी भी तरह का शक होने पर मौत के कारण जानने के लिए एक प्रक्रिया के तहत काम किया जाता है। इसमें पोस्टमार्टम करने के दौरान शव के विसरल पार्ट यानी किडनी, लिवर, दिल, पेट के अंगों का सैंपल लिया जाता है, इसे विसरा कहते हैं।
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डीएफओ विकास यादव ने बताया कि शुक्रवार को खोराबार थाने से सूचना मिली कि गांव में कुछ पक्षी मृत मिले हैं। टीम को मौके पर भेजा गया तो सात मोर व दो तीतर मृत मिले। चिड़ियाघर, पशु अस्पताल में तीन पशु चिकित्साधिकारियों की टीम ने पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि जहरीला भोजन खाने से उनकी मौत हुई है।
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पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सभी की मौत लगभग एक ही अवस्था में हुई थी। उनके पेट में गेहूं के दाने मिले। आशंका है कि बुआई के दौरान पक्षियों ने कीटनाशक लगे गेहूं के बीज खा लिए होंगे, जिससे उनकी जान चली गई। लेकिन अभी दावे से कुछ कहना मुश्किल होगा। विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम तौर पर कुछ कहा जा सकेगा।
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क्या होता है विसरा
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने या किसी भी तरह का शक होने पर मौत के कारण जानने के लिए एक प्रक्रिया के तहत काम किया जाता है। इसमें पोस्टमार्टम करने के दौरान शव के विसरल पार्ट यानी किडनी, लिवर, दिल, पेट के अंगों का सैंपल लिया जाता है, इसे विसरा कहते हैं।