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गोरखपुर: 50 आंगनबाड़ी व सहायिकाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस, अधिकारियों की जांच में मिलीं थीं अनुपस्थित
Sun, 12 Sep 2021 12:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 12:16 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर जिला स्तरीय अधिकारियों की जांच में अनुपस्थित मिलीं 50 से अधिक आंगनबाड़ी वर्कर और सहायिकाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस भेजा जा रहा है। इसके लिए जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह को पत्र लिखा है। नोटिस भेज कर सभी से जवाब मांगा जा रहा है कि क्यों न उनकी सेवा समाप्त कर दी जाए।
जानकारी के मुताबिक 25 जुलाई को आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन की तरफ से डीएम को एक नोटिस देकर कहा था कि अगर शासन-प्रशासन द्वारा उनकी मांगें 16 अगस्त तक नहीं मानी गईं तो वे 17 और 18 अगस्त को दो दिवसीय धरना प्रदर्शन करेंगी। इसी क्रम में आंगनबाड़ी वर्कर व सहायिकाओं ने 17 एवं 18 अगस्त को नगर निगम पार्क में धरना दिया था। 17 अगस्त को ही डीएम के निर्देश पर पूरे जिले में विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की गई, जिसमें 50 से अधिक आंगनबाड़ी और सहायिकाएं अनुपस्थित मिलीं थीं। इन्हें ही नोटिस दिया जा रहा है।
डीएम के निर्देश पर जिलास्तरीय अधिकारियों ने जांच की थी। सभी ने अपनी रिपोर्ट डीडीओ को दी है। जो जानकारी मिली हैं, उसके अनुसार 50 से अधिक आंगनबाड़ी व सहायिका केंद्रों से अनुपस्थित मिली हैं। डीएम ने इन सबकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई के लिए नोटिस देने को कहा है। सभी को नोटिस भेजा जा रहा है।
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हेमंत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गीतांजली मौर्या ने बताया कि डीएम को नोटिस देकर धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान अनुपस्थित आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया जा रहा है। हम इससे डरने वाले नहीं हैं। एक सप्ताह के अंदर नोटिस वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश के 75 जिलों में आंगनबाड़ी वर्कर प्रदर्शन करेंगी। सूबे की पौने चार लाख आंगनबाड़ी और सहायिकाएं 2022 के चुनाव में खुलकर विरोध करेंगी। पूरे प्रदेश में रथयात्रा निकालकर आंदोलन किया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक 25 जुलाई को आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन की तरफ से डीएम को एक नोटिस देकर कहा था कि अगर शासन-प्रशासन द्वारा उनकी मांगें 16 अगस्त तक नहीं मानी गईं तो वे 17 और 18 अगस्त को दो दिवसीय धरना प्रदर्शन करेंगी। इसी क्रम में आंगनबाड़ी वर्कर व सहायिकाओं ने 17 एवं 18 अगस्त को नगर निगम पार्क में धरना दिया था। 17 अगस्त को ही डीएम के निर्देश पर पूरे जिले में विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की गई, जिसमें 50 से अधिक आंगनबाड़ी और सहायिकाएं अनुपस्थित मिलीं थीं। इन्हें ही नोटिस दिया जा रहा है।
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डीएम के निर्देश पर जिलास्तरीय अधिकारियों ने जांच की थी। सभी ने अपनी रिपोर्ट डीडीओ को दी है। जो जानकारी मिली हैं, उसके अनुसार 50 से अधिक आंगनबाड़ी व सहायिका केंद्रों से अनुपस्थित मिली हैं। डीएम ने इन सबकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई के लिए नोटिस देने को कहा है। सभी को नोटिस भेजा जा रहा है।
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हेमंत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गीतांजली मौर्या ने बताया कि डीएम को नोटिस देकर धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान अनुपस्थित आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया जा रहा है। हम इससे डरने वाले नहीं हैं। एक सप्ताह के अंदर नोटिस वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश के 75 जिलों में आंगनबाड़ी वर्कर प्रदर्शन करेंगी। सूबे की पौने चार लाख आंगनबाड़ी और सहायिकाएं 2022 के चुनाव में खुलकर विरोध करेंगी। पूरे प्रदेश में रथयात्रा निकालकर आंदोलन किया जाएगा।