फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Selection was done on the basis of research and book publications, patents and projects.

डीडीयू : यूनिवर्सिटी रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित हुए 111 शिक्षक-शोधार्थी

Mon, 23 Feb 2026 02:31 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
Selection was done on the basis of research and book publications, patents and projects.
शोध व पुस्तक प्रकाशन, पेटेंट और प्रोजेक्ट्स के आधार पर हुआ था चयन
विज्ञापन

भौतिकी से सर्वाधिक 40, केमिस्ट्री से 27 और बॉटनी से 20 शिक्षक और शोधार्थी हुए सम्मानित

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में रविवार को 111 शिक्षकों और शोधार्थियों को यूनिवर्सिटी रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। शोध व पुस्तक प्रकाशन, पेटेंट और प्रोजेक्ट्स के आधार पर उनका चयन किया गया था। इसका उद्देश्य अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देना था।

यह पुरस्कार प्लेटिनम, डायमंड, गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल कैटेगरी में विभाजित किए गए थे, जो शोध, पुस्तक और प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता पर आधारित थे। इसमें भौतिकी विभाग के 40, रसायन विज्ञान के 27, वनस्पति विज्ञान के 20, गणित एवं सांख्यिकी के नौ, जैव प्रौद्योगिकी के चार, प्राणि विज्ञान के तीन, मनोविज्ञान के तीन समेत इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक सूक्ष्म जैविकी, भूगोल, फार्मेसी और इंजीनियरिंग के एक-एक शोधकर्ता शामिल हैं।
विज्ञापन



डॉ. अंबरीश लगातार दूसरे वर्ष बेस्ट रिसर्चर
भौतिकी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंबरीश श्रीवास्तव को लगातार दूसरे वर्ष बेस्ट रिसर्चर का अवार्ड मिला है। इसके तहत उन्हें 21 हजार रुपये की नकद राशि, स्मृति चिह्न और विशेष प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के लिए 21 प्रविष्टियां मिली थीं। केमिस्ट्री के डॉ. आनंद रत्नम को द्वितीय और जैव प्रौद्योगिकी के प्रो. दिनेश यादव को तृतीय स्थान मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन



शोध में सतत विकास लक्ष्यों का रखें ध्यान
कुलपति प्रो. पूनम टंडन और मुख्य अतिथि एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने शोधकर्ताओं को पुरस्कृत किया। प्रो. जेपी सैनी ने शोधकर्ताओं से अपने शोध पत्रों में सतत विकास लक्ष्यों का ध्यान रखने का आह्वान किया। उन्होंने कला संकाय के शोधकर्ताओं को सोशल साइंस साइटेशन इंडेक्स्ड जर्नल्स में प्रकाशन कराने पर जोर दिया। प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उनके शोधकर्ताओं, जिनमें शिक्षक एवं छात्र दोनों शामिल हैं, से होती है। इस पहल से शोध वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होगा। आने वाले समय में विश्वविद्यालय की वैश्विक छवि एवं रैंकिंग में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed