गोरखपुर। राजघाट स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र (पुरुष) से भागे चार संवासियों में तीन की वापसी के बाद भी 19 वर्षीय आजम का पता नहीं चल सका है। उसकी तलाश में पुलिस प्रदेशभर में तस्वीर भेजने के साथ सोशल मीडिया पर भी फोटो प्रसारित कर चुकी है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य संभावित स्थानों पर तस्वीर चस्पा कर लोगों से जानकारी देने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
पुलिस ने जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो (डीसीआरबी) के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस को आजम की तस्वीर भेजी है। आश्रय गृह के आसपास के इलाकों के साथ रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी तलाश की गई। प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद भी उसकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी है। आश्रय गृह से एक सितंबर की रात रवि (22), बबलू (23), सोमारू (19) और आजम बाहर निकल गए थे। पुलिस ने रवि को रेलवे स्टेशन के पास से, जबकि बबलू और सोमारू को आश्रय गृह रोड से बरामद किया था। पूछताछ में सामने आया था कि रवि ने ही तीनों को साथ लेकर निकलने की योजना बनाई थी। आरोप है कि उसने मुख्य गेट की चाबियां चुराने के बाद सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिए थे। आश्रय गृह में लौटाए गए तीनों संवासियों के बीच अपने साथी आजम की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि तीनों संवासियों को सुरक्षित आश्रय गृह पहुंचा दिया गया है।