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विद्यालयों ने अपात्र विद्यार्थियों को दिलाई छात्रवृत्ति
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विद्यालयों ने अपात्र छात्रों को दिलाई छात्रवृत्ति
गोरखपुर। जिले के कुछ विद्यालयों ने ऐसे विद्यार्थियों को प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति दिलवा दी जिनकी आयु बहुत कम या ज्यादा है। शासन स्तर पर पकड़े जाने के बाद इन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति रोक दी गई। इन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के आवेदन का अनुमोदन करने वाले विद्यालयों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि हाईस्कूल के विद्यार्थी की उम्र कम से कम 14 वर्ष और अधिकतम 19 वर्ष तक होनी चाहिए। कुछ विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे विद्यार्थियों को प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति दिलाने का अनुमोदन किया जिनकी उम्र 13 वर्ष या उससे भी कम थी। इसी तरह बीस वर्ष या उससे अधिक आयुवर्ग के विद्यार्थियों को भी प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति जारी की गई। जिले में इस तरह के विद्यार्थियों की संख्या करीब साढ़े तीन सौ है। सत्यापन में उम्र की गड़बड़ी पकड़े जाने पर इन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर रोक लगा दी गई है। छात्रवृत्ति का अनुमोदन करने वाले विद्यालयों के प्रबंधन से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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गोरखपुर। जिले के कुछ विद्यालयों ने ऐसे विद्यार्थियों को प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति दिलवा दी जिनकी आयु बहुत कम या ज्यादा है। शासन स्तर पर पकड़े जाने के बाद इन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति रोक दी गई। इन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के आवेदन का अनुमोदन करने वाले विद्यालयों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि हाईस्कूल के विद्यार्थी की उम्र कम से कम 14 वर्ष और अधिकतम 19 वर्ष तक होनी चाहिए। कुछ विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे विद्यार्थियों को प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति दिलाने का अनुमोदन किया जिनकी उम्र 13 वर्ष या उससे भी कम थी। इसी तरह बीस वर्ष या उससे अधिक आयुवर्ग के विद्यार्थियों को भी प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति जारी की गई। जिले में इस तरह के विद्यार्थियों की संख्या करीब साढ़े तीन सौ है। सत्यापन में उम्र की गड़बड़ी पकड़े जाने पर इन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर रोक लगा दी गई है। छात्रवृत्ति का अनुमोदन करने वाले विद्यालयों के प्रबंधन से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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