{"_id":"5fe5b4828ebc3e3fc3153026","slug":"saryu-river-started-flowing-from-ghats-about-500-meters-away-due-to-not-cleaning-of-silt","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घाट से दूर बह रही है सरयू नदी, रेत में चलने को मजबूर हुए आस्थावान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाट से दूर बह रही है सरयू नदी, रेत में चलने को मजबूर हुए आस्थावान
Fri, 25 Dec 2020 03:14 PM IST
vivek shukla
सच्चिदानंद पांडेय, बरहज (देवरिया)।
सच्चिदानंद पांडेय, बरहज (देवरिया)।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 25 Dec 2020 03:14 PM IST
विज्ञापन
घाट से दूर बह रही सरयू नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया जिले में सिल्ट की सफाई न होने से लोगों की आस्था का केंद्र सरयू नदी घाटों से करीब 500 मीटर दूर से बहने लगी है। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को दिक्कत उठानी पड़ रही है। जो लोग नदी किनारे धार्मिक अनुष्ठान के लिए जाते हैं उन्हें रेत में लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। आश्चर्य तो यह है कि जिम्मेदार भी इस समस्या से वाकिफ हैं, लेकिन उनका ध्यान न देना यह दर्शाता है कि उन्हें लोगों की दिक्कतों से कोई सरोकार नहीं।
सरयू नदी के किनारे सैकड़ों लोग आए दिन मांगलिक कार्यों और कर्मकांड आदि के लिए एकत्र होते हैं। उनकी सहूलियत के लिए नगर पालिका ने बरहना, सीता, परशुराम सहित 12 घाट बनवाए हैं। पूर्व में नदी जब पक्के घाटों से होकर बहती थी तो लोगों को पूजा-पाठ, स्नान आदि में दिक्कत नहीं उठानी पड़ती थी। लेकिन करीब चार सालों से जगह-जगह सिल्ट जमा होने के कारण नदी 500 मीटर दूर से बहने लगी है। बरसात के मौसम में पानी बढ़ने से नदी का रुख घाटों की ओर हो जाता है, लेकिन बाद के मौसम में यह फिर दूर चली जाती है।
क्षेत्र के निवासी जगत नारायन तिवारी, पवन, जगदीश आदि का कहना है कि मोहन सेतु के निकट अगर सिल्ट की सफाई करा दी जाए तो नदी पूर्व की तरह प्रवाहित होने लगेगी। उन्होंने बड़े-बुजुर्गों के हवाले से बताया कि ब्रितानी हुकूमत में कभी इस जलमार्ग से शीरा का व्यापार होता था, लेकिन अब तो नदी ही धारा बदलने लगी है। ऐसे में स्नान पर्वों पर सरयू तट पर लगने वाले मेले के दौरान भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरयू नदी के किनारे सैकड़ों लोग आए दिन मांगलिक कार्यों और कर्मकांड आदि के लिए एकत्र होते हैं। उनकी सहूलियत के लिए नगर पालिका ने बरहना, सीता, परशुराम सहित 12 घाट बनवाए हैं। पूर्व में नदी जब पक्के घाटों से होकर बहती थी तो लोगों को पूजा-पाठ, स्नान आदि में दिक्कत नहीं उठानी पड़ती थी। लेकिन करीब चार सालों से जगह-जगह सिल्ट जमा होने के कारण नदी 500 मीटर दूर से बहने लगी है। बरसात के मौसम में पानी बढ़ने से नदी का रुख घाटों की ओर हो जाता है, लेकिन बाद के मौसम में यह फिर दूर चली जाती है।
विज्ञापन
क्षेत्र के निवासी जगत नारायन तिवारी, पवन, जगदीश आदि का कहना है कि मोहन सेतु के निकट अगर सिल्ट की सफाई करा दी जाए तो नदी पूर्व की तरह प्रवाहित होने लगेगी। उन्होंने बड़े-बुजुर्गों के हवाले से बताया कि ब्रितानी हुकूमत में कभी इस जलमार्ग से शीरा का व्यापार होता था, लेकिन अब तो नदी ही धारा बदलने लगी है। ऐसे में स्नान पर्वों पर सरयू तट पर लगने वाले मेले के दौरान भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
विज्ञापन
मोहन सेतु के निकट जमा सिल्ट से बदल जाती है धारा
नगर स्थित कुटी घाट पर बन रहे मोहन सेतु और बरहना घाट के पास जगह-जगह सिल्ट जमा हो गई है। नदी में सिल्ट अधिक और पानी कम होने से धारा में बदलाव आ गया है। पौराणिक महत्व वाली सरयू नदी अयोध्या से होकर कपरवार संगम तट पर राप्ती नदी में मिल जाती है। वहां से बरहज के रास्ते भागलपुर होते हुए वह आगे बढ़ती है।
सिल्ट की नहीं हुई सफाई
सरयू नदी तट पर कुटी घाट के निकट निर्माणाधीन मोहन सेतु के निकट सिल्ट जमा हुआ है। जिससे नदी काफी दूर चली गई है। हालांकि बरसात के बाद पक्के घाट की सीढ़ियों की सिल्ट नगरपालिका की ओर से साफ कराया जाता है, लेकिन नदी के रास्ते में जगह-जगह जमी सिल्ट साफ कराने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। विगत कई वर्षों से साफ-सफाई न होने से नदी ने रास्ता बदल दिया है।
पालिका अध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने बताया कि सरयू नदी के दूर चले जाने से आस्थावानों को दिक्कतें हो रही हैं। सिल्ट जैसी समस्या के शीघ्र समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।
सिल्ट की नहीं हुई सफाई
सरयू नदी तट पर कुटी घाट के निकट निर्माणाधीन मोहन सेतु के निकट सिल्ट जमा हुआ है। जिससे नदी काफी दूर चली गई है। हालांकि बरसात के बाद पक्के घाट की सीढ़ियों की सिल्ट नगरपालिका की ओर से साफ कराया जाता है, लेकिन नदी के रास्ते में जगह-जगह जमी सिल्ट साफ कराने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। विगत कई वर्षों से साफ-सफाई न होने से नदी ने रास्ता बदल दिया है।
पालिका अध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने बताया कि सरयू नदी के दूर चले जाने से आस्थावानों को दिक्कतें हो रही हैं। सिल्ट जैसी समस्या के शीघ्र समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।