फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Ruckus sabotage and scuffle over patient death in district hospital

गोरखपुर: जिला अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, जमकर हुई तोड़फोड़ और हाथापाई

Fri, 07 Oct 2022 01:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 07 Oct 2022 01:15 PM IST
सार

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार रात मरीज की मौत पर बवाल हो गया। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट करने के साथ ही तोड़फोड़ की। इमरजेंसी वार्ड के शीशे और मेज को तोड़ दिए। बीएचटी (बेड हेड टिकट) को फाड़ने की कोशिश की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चार आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन
Ruckus sabotage and scuffle over patient death in district hospital
गोरखपुर जिला अस्पताल में मारपीट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार रात मरीज की मौत पर बवाल हो गया। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट करने के साथ ही तोड़फोड़ की। इमरजेंसी वार्ड के शीशे और मेज को तोड़ दिए। बीएचटी (बेड हेड टिकट) को फाड़ने की कोशिश की गई।

विज्ञापन


सूचना पर पहुंची पुलिस ने चार आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने डॉ. आशीष वर्मा की तहरीर पर पांच लोगों को सरकारी काम में बाधा डालने, स्टाफ से दुर्व्यवहार, गाली गलौज, मारपीट, तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने की धाराओं का आरोपी बनाया है।
विज्ञापन


पकड़े गए आरोपियों की पहचान हिंदी बाजार निवासी व मृतका के देवर सावन, जेठ सतीश गुप्ता, भतीजा सौरव गुप्ता और रायगंज निवासी आकाश शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गोरखपुर-बस्ती मंडल में बारिश से जलभराव, दो की मौत

 जानकारी के मुताबिक, राजघाट थाना क्षेत्र के हिंदी बाजार, दीवान दयाराम निवासी मीरा की बुधवार को तबीयत खराब हो गई। हालत नाजुक होने पर परिजन शाम 6:35 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए। डॉ. आशीष वर्मा ने प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

 आरोप है एंबुलेंस को लौटाने के साथ ही परिजन ने अपनी सहमति से मरीज को जिला अस्पताल में ही भर्ती करा दिया। कोतवाली थाने को दी तहरीर में डॉ. आशीष वर्मा ने लिखा है कि रात में मीरा की स्थिति गंभीर होने पर नर्स ने जानकारी दी तो उन्होंने परिजन से फिर एक बार मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा, लेकिन मना कर दिया।

 रात में 11.50 बजे मरीज की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। प्रथम तल पर स्थित वार्ड, ड्यूटी रूम में तोड़फोड़ करने लगे। समझाने की कोशिश करने पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

 

अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामे होने की वजह से अफरातफरी मच गई थी। अन्य तीमारदार भी परेशान हो गए। कई ने तो मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज या फिर दूसरे अस्पताल लेकर चले गए।

मरीज को रेफर करने पर हुआ विवाद
डॉक्टर ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, लेकिन परिजन वहां नहीं जाना चाहते थे। जिला अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ने पर दोबारा रात में रेफर करने की बात कही और 108 नंबर एंबुलेंस भी बुला ली गई थी, लेकिन परिजनों ने एंबुलेंस को लौटा दी थी।

डॉक्टर की तहरीर पर पांच लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है। चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगी है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed