गोरखपुर: वर्चस्व को लेकर विश्वविद्यालय छात्रावास में दो गुटों में बवाल, आगजनी, फायरिंग
हिमांशु सिंह और यशपाल सिंह छात्रसंघ चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। दोनों ने शहर में अपने पोस्टर भी लगा रखे हैं। अनधिकृत रूप से दोनों छात्रावास के कमरों में कब्जा करके रहते हैं। आए दिन इनके बीच मनमुटाव होता है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के नाथ चंद्रावत (एनसी) छात्रावास में बुधवार की देर रात युवकों के दो गुटों में वर्चस्व को लेकर जमकर मारपीट हुई। दहशत फैलाने के लिए तीन राउंड फायरिंग भी की गई। एनसी के साथ कबीर छात्रावास के दो कमरों में आग लगा दी गई।
देर रात गोली चलने और आगजनी की सूचना पाते ही कैंट पुलिस के साथ एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने इस मामले में वार्डेन की तहरीर पर हत्या की कोशिश, मारपीट, आगजनी की धाराओं में हिमांशु सिंह और यशपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। बड़ी बात यह है कि जहां पर वारदात हुई, वहीं कुछ दूरी पर पीएसी कैंप करती है। मामले की जांच के लिए कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर एसके सिंह के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, हिमांशु सिंह और यशपाल सिंह छात्रसंघ चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। दोनों ने शहर में अपने पोस्टर भी लगा रखे हैं। अनधिकृत रूप से दोनों छात्रावास के कमरों में कब्जा करके रहते हैं। आए दिन इनके बीच मनमुटाव होता है। बुधवार रात किसी बात में दोनों में विवाद हो गया और फिर देखते ही देखते मारपीट हो गई।
इसी बीच किसी ने नाथ चंद्रावत हॉस्टल के कमरा नंबर 131 में आग लगा दी। वहां पर मौजूद यूनिवर्सिटी कर्मचारियों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया। इसी बीच कबीर छात्रावास के एक कमरे में भी आग लगा दी। बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए तीन राउंड फायरिंग भी की। आधी रात छात्रावास में बवाल की सूचना पर एसपी सिटी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी है।
छात्रावास में आपराधिक गतिविधि की जांच में एलआईयू भी
छात्रावास में आपराधिक गतिविधि बुधवार को सामने आने के बाद एलआईयू को भी सक्रिय कर दिया गया है। एलआईयू अपने स्रोतों की मदद से पूरी रिपोर्ट तैयार कर रही है। पुलिस इस प्रकरण से जुड़े सभी पर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
15 साल पहले वर्चस्व को लेकर छात्रावास में हुई थी हत्या
15 साल पहले गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रावास में वर्चस्व को लेकर बवाल हुआ था। इस दौरान कबीर छात्रावास कमरा नंबर 100 में ककराखोर निवासी बंटू सिंह की जलाकर हत्या कर दी गई थी। उसे पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद वर्चस्व की जंग को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन सक्रियता बरतती है, लेकिन एक बार फिर वर्चस्व को लेकर बवाल और फायरिंग का मामला सामने आया है। हालांकि, संयोग अच्छा था कि गोली किसी को नहीं लगी। तब इस मामले में एक छात्रनेता और उसके साथियों को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस ने छात्रावासों में छापा मारा
गोरखपुर। विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों में बृहस्पतिवार को पुलिस की टीम ने छापा मारा। इस दौरान विश्वविद्यालय के सभी वार्डेन व अधिकारी भी मौजूद रहे। हालांकि, कोई बाहरी छात्र नहीं मिला। उधर, एनसी हॉस्टल में पुलिस ने लगे सीसीटीवी कैमरे की भी पड़ताल की। कुछ कैमरों के काम न करने की बात भी सामने आई है। ब्यूरो
पुलिस को नामजद तहरीर दी गई है। हॉस्टल की चेकिंग कराकर बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर एसके सिंह के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। समिति ने जांच शुरू कर दी है। समिति घटना के बारे में और इसमें शामिल लोगों को चिह्नित कर रिपोर्ट देगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. राजेश सिंह, कुलपति दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय