Gorakhpur News: लावारिस बच्चों को वारिस तक पहुंचा रहा आरपीएफ, 569 को सुरक्षित अपनों से मिलवाया
मां-बाप या किसी रिश्तेदार की फटकार से नाराज होकर बच्चे घर छोड़ देते हैं या फिर पढ़ाई में मन नहीं लगने से भाग जाते हैं। इनमें से कई बच्चे ट्रेन में या स्टेशन पर मिल जाते हैं। ऐसे बच्चों के लिए रेलवे ने ऑपरेशन ‘मुस्कान’ चला रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
घर से नाराज होकर या भटक कर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में घूम रहे लावारिस बच्चों को उनके वारिस तक पहुंचाने में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मददगार साबित हो रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे में बीते आठ महीने में 569 बच्चों को सुरक्षित पहुंचाया गया है। इसके अलावा आरपीएफ ने ट्रेन में छूटा करीब एक करोड़ का सामान भी यात्रियों को सुपुर्द किया है।
दरअसल, मां-बाप या किसी रिश्तेदार की फटकार से नाराज होकर बच्चे घर छोड़ देते हैं या फिर पढ़ाई में मन नहीं लगने से भाग जाते हैं। इनमें से कई बच्चे ट्रेन में या स्टेशन पर मिल जाते हैं। ऐसे बच्चों के लिए रेलवे ने ऑपरेशन ‘मुस्कान’ चला रहा है। इसमें आरपीएफ बच्चों को गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) चाइल्ड लाइन की मदद से उनके माता-पिता या अभिभावक से मिलाता है।
आरपीएफ ने सबसे ज्यादा गोरखपुर और लखनऊ स्टेशन से बच्चों को चाइल्ड लाइन की मदद से उनके माता-पिता से मिलाया है। इसी प्रकार यात्रियों का छूटा सामान बरामद करने में भी आरपीएफ ने तत्परता दिखाई है। अप्रैल से नवंबर तक कुल 594 यात्रियों का छूटा सामान उन्हें सुरक्षित लौटाया है।
यहां, इतने बच्चे पहुंचाए गए
| मंडल | संख्या |
| इज्जतनगर | 82 |
| लखनऊ | 352 |
| वाराणसी | 135 |
अकेले यात्रा कर रहीं महिलाओं से महिला विंग पूछती है खैरियत
रेलवे ने ट्रेन से अकेले यात्रा कर रहीं महिलाओं के सहयोग के लिए मेरी सहेली अभियान शुरू किया है। आरक्षण चार्ट देखकर आरपीएफ की महिला विंग फोन करके उनकी खैरियत पूछती है। साथ ही कोई समस्या होने पर हेल्पलाइन नंबर 139 पर फोन करने की सलाह देती है। इस साल अक्तूबर तक महिला विंग ने 7174 ट्रेनों में 29,647 महिलाओं को फोन करके यात्रा के दौरान उनका हालचाल लिया है।
एनईआर सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल के जवान यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सदैव प्रयासरत हैं। यदि यात्रा के दौरान किसी का सामान चोरी हो जाए तो उसे ढूंढ कर संबंधित यात्री को सुपुर्द किया जाता है। भूले-भटके बच्चों को आरपीएफ संस्थाओं की मदद से उनके परिवार तक पहुंचाती है। इस प्रकार की शिकायत के लिए यात्री रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सकते हैं अथवा पुलिस हेल्पलाइन पर भी कॉल कर सकते हैं।