Deoria Assembly By Election 2020: भाजपा और सपा के बागी पैदा कर सकते हैं मुसीबत, थाम सकते दूसरे दल का दामन
- भाजपा से टिकट नहीं मिलने से आहत हैं अजय सिंह पिंटू
- कुछ नेताओं को उकसा कर भाजपा के बड़े नेता बिगाड़ना चाहते चुनावी खेल
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में उपचुनाव होने वाला है। ऐसे में भाजपा और सपा के बागी नेता चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए हैं। भाजपा से स्व. विधायक जन्मेजय सिंह के बेटे अजय सिंह पिंटू, लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में आएं हरेंद्र जायसवाल और भाजपा छोड़ सपा में अनौपचारिक तौर पर शामिल विजय प्रताप सिंह डब्लू मणि के बगावत कर चुनाव लड़ने की संभावना है। इन लोगों ने नामांकन के लिए पर्चा भी खरीद लिया है। वैसे सपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि विजय प्रताप मणि सपा के सदस्य तक नहीं हैं।
देवरिया विधानसभा क्षेत्र उप चुनाव में जिले के इतिहास में पहला मौका है जब चार प्रमुख दलों से ब्राह्मण, वह भी सभी त्रिपाठी ही चुनाव में अपना-अपना भाग्य आजमा रहे हैं। सदर से विधायक रहे जन्मेजय सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र अजय सिंह पिंटू को पूरी उम्मीद थी कि उन्हें भाजपा चुनाव में मौका जरूर देगी।
26 सितंबर को देवरिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए तो उप चुनाव में टिकट मांगने वालों में सीएम के करीबी नीरज शाही के अलावा सिर्फ उन्हें ही मंच पर सम्मान मिल सका, लेकिन गोरखपुर तिवारी हाता के करीबी रिश्ते उनके लिए महंगा साबित हुआ।
चर्चा है कि इसी वजह से उन्हें भाजपा के टिकट से वंचित कर दिया गया। खैर चर्चा है कि हाता के जिम्मेदार लोग अब उन्हें बसपा से चुनाव लड़ाने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। गुरुवार को बसपा मुखिया से इस संबंध में वार्ता भी हुई। जहां तक डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी का सवाल है, वह कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, सांसद रमापति राम त्रिपाठी के करीबी माने जातें है।
अजय सिंह पिंटू बढ़ा सकते हैं भाजपा की मुसीबत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके शिक्षाविद् भाईयों के करीबी रिश्ते हैं। यहीं कारण है कि दस से अधिक भाजपा के ब्राह्मण नेताओं पर दांव न लगाकर पार्टी ने उन्हें मौंका दिया। सूत्रों की मानें तो अजय सिंह पिंटू ने भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ने का ऐलान कर भाजपा नेताओं की परेशानी बढ़ा दी है।
वैश्य समाज से कोई उम्मीदवार नहीं होने की वजह से हरेंद्र जायसवाल भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने पर्चा भी खरीद लिया है। उन्हें भाजपा के ही कुछ लोग चुनाव लड़ने के लिए उकसा रहे हैं। भाजपा से एक बार बगावत कर निर्दल विधानसभा का पिछला चुनाव लड़ चुके विजय प्रताप मणि त्रिपाठी डब्लू मणि, हाल ही में अपने आवास पर हजारों लोगों के साथ सपा की प्रवक्ता जूही सिंह का स्वागत कर चर्चा में आएं।
सोशल मीडिया पर उन्होंने खुद तस्वीर पोस्ट की। हाल ही में मंगलवार को सपा मुखिया ने पार्टी के उम्मीदवारों को लखनऊ बुलाया तो विजय प्रताप मणि भी पहुंचे। उन्हें देखकर कुछ नेताओं को आश्चर्य हुआ, लेकिन सपा मुखिया ने विजय प्रताप मणि को सम्मान दिया और चुनाव लड़ने को लेकर बात की थी।
ऐसे में विजय प्रताप मणि उर्फ डब्लू सपा में भले ही शामिल नहीं हुए लेकिन बगावत कर चुनाव लड़ने के मूड में हैं। वैसे सपा जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव का कहना है कि विजय प्रताप मणि सपा के नेता नहीं हैं।