रंगीन मिजाज प्रोफेसर: पूर्व कुलपति ने जातिसूचक गालियां दीं..कमेटी जबरन कार में ले गई
गोरखपुर विश्वविद्यालय के रंगीन मिजाज प्रोफेसर की शिकायत अश्लील ऑडियो एवं अन्य साक्ष्य भेजकर राष्ट्रीय महिला आयोग से की गई थी। आयोग ने आंतरिक कमेटी को 90 दिन यानि 25 अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा था। लेकिन निर्धारित मियाद में रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रंगीन मिजाज प्रोफेसर की कथित पीएस (निजी सचिव) ने चार पन्नों का शिकायती पत्र भेजकर आंतरिक कमेटी और पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने भेजे पत्र में पूर्व कुलपति पर जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया है। साथ ही आंतरिक कमेटी पर भी उत्पीड़न का आरोप है। शुक्रवार को आंतरिक कमेटी की हुई बैठक में इसपर भी विचार करते हुए जांच रिपोर्ट को शीघ्र राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजने का निर्णय लिया गया।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के रंगीन मिजाज प्रोफेसर की शिकायत अश्लील ऑडियो एवं अन्य साक्ष्य भेजकर राष्ट्रीय महिला आयोग से की गई थी। आयोग ने आंतरिक कमेटी को 90 दिन यानि 25 अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा था। लेकिन निर्धारित मियाद में रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी। इसे लेकर शुक्रवार को प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में आंतरिक कमेटी की बैठक हुई। बैठक में अब तक हुए जांच में आए तथ्य पर चर्चा करते हुए शीघ्र जांच रिपोर्ट तैयार कर भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रोफेसर पर जिस युवती के शोषण का आरोप लगा है, उसके द्वारा भेजे गए पत्र को खोला गया। चार पन्नों के पत्र में उसने आंतरिक कमेटी पर ही घर आकर जबरन कार से ले जाने, नौकरी का प्रलोभन देने आदि का आरोप लगाया है। इसके अलावा उसने पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह पर डांटने-फटकारने के साथ जाति सूचक गाली देने का आरोप लगाया है। कमेटी ने इसके पीछे पेशबंदी करने और जांच को प्रभावित करने की मंशा मानते हुए उसे गंभीरता से नहीं लेने का निर्णय लिया।
आंतरिक कमेटी की बैठक में अबतक हुई जांच में आए तथ्यों पर चर्चा की गई। आंतरिक टीम ने इस मामले में शिकायतकर्ता शोध छात्रा, प्रोफेसर की निजी सचिव (जिसके शोषण का आरोप लगा था) और प्रोफेसर की पत्नी को पूछताछ के लिए बुलाया। लेकिन शिकायतकर्ता आंतरिक कमेटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुई। प्रोफेसर की पत्नी ने भी किसी प्रकार की आपत्ति नहीं दर्ज कराई। वहीं पीड़िता के भी अडिग नहीं रहने की बात जांच रिपोर्ट में दर्ज कर भेजने का निर्णय लिया है।