Gorakhpur News: भाजपा सांसद कमलेश पासवान व समर्थकों की सजा बरकरार, अब जा सकते हैं हाईकोर्ट
16 जनवरी 2008 को कमलेश पासवान और उनके समर्थकों द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने पार्टी के नेता शिवपाल यादव और अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मेडिकल काॅलेज के मुख्य गेट के सामने विधि विरुद्ध तरीके से रोड को जाम कर दिया गया था।
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गोरखपुर जिले में बांसगांव के भाजपा सांसद कमलेश पासवान और उनके छह समर्थकों के सजा को एमपी, एमएलए कोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए सजा बरकरार रखा है। सांसद और उनके समर्थकों ने विशेष न्यायाधीश एमपी, एमएलए कोर्ट नम्रता अग्रवाल की कोर्ट में अपील की थी।
कोर्ट ने सांसद सहित सभी छह लोगों को 15 दिन के अंदर सजा भुगतने के लिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। मामले में अधीनस्थ न्यायालय ने कमलेश पासवान और उनके छह समर्थकों को एक साल छह माह के कारावास एवं दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के मुताबिक, 16 जनवरी 2008 को कमलेश पासवान और उनके समर्थकों द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने पार्टी के नेता शिवपाल यादव और अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मेडिकल काॅलेज के मुख्य गेट के सामने विधि विरुद्ध तरीके से रोड को जाम कर दिया गया था।
अभियुक्तों द्वारा नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया गया था। 26 नवंबर 2022 को सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए सजा सुनाया गया था। कोर्ट से सभी को एक साल छह महीने की सजा व अर्थदंड से दंडित किया गया था। सजा के विरुद्ध कमलेश पासवान और अन्य लोगों ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की।
विशेष न्यायाधीश ने अपील निरस्त करते हुए मजिस्ट्रेट न्यायालय की सजा को बहाल कर दिया और सजा भुगतने के लिए 15 दिन के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है।
सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि कोर्ट ने 15 दिन का समय दिया है। इस बीच हाईकोर्ट में जाएंगे और सजा पर स्टे की मांग करेंगे।