फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Private schools defying court decision and government order

UP: कोर्ट के फैसले व सरकार के आदेश को ठेंगा दिखा रहे निजी स्कूल, प्रबंधन की चुप्पी से अभिभावक परेशान

Fri, 21 Apr 2023 04:01 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 21 Apr 2023 04:01 PM IST
सार

अभिभावकों का कहना है कि लॉकडाउन के वक्त न तो बच्चे स्कूल जा रहे थे और न ही अन्य किसी प्रकार की गतिविधियों में हिस्सा ले रहे थे। फिर भी एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों के नाम पर फीस वसूल की गई। सरकार के आदेश के बाद धरातल पर उसका पालन न होना स्कूलों की मनमानी है।

विज्ञापन
Private schools defying court decision and government order
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले व प्रदेश सरकार के आदेश के बाद भी शहर के निजी स्कूलों की ओर से कोराना काल के दौरान सत्र 2020-21 में ली गई फीस की रकम से 15 फीसदी वापस करने के आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है।

विज्ञापन


अभिभावकों का कहना है कि कोरोना काल में स्कूल की तरफ से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। उस दौरान स्कूल की तरफ से फीस जमा करने का कोई नोटिस नहीं दिया गया। फिर जुलाई महीने में जब परिस्थितियां सामान्य होने लगीं तो स्कूल की ओर से अचानक एक साथ तीन महीने की फीस जमा करने को बोला गया। ऐसे में सीमित आय वाले अभिभावकों के लिए एक साथ तीन महीने की फीस जमा करना एक बड़ी चुनौती बन गई थी।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: देवरिया में पुरानी रंजिश में युवती की हत्या, भाई की हालत गंभीर
विज्ञापन
विज्ञापन


अभिभावकों का कहना है कि बच्चे के भविष्य को देखते हुए जैसे-तैसे फीस जमा की गई। लेकिन, फीस में छूट के आदेश के बाद जब स्कूल प्रबंधन से बात की गई, तो वे ऐसा करने को राजी नहीं हैं। अभिभावकों का कहना है कि लॉकडाउन के वक्त न तो बच्चे स्कूल जा रहे थे और न ही अन्य किसी प्रकार की गतिविधियों में हिस्सा ले रहे थे। फिर भी एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों के नाम पर फीस वसूल की गई। सरकार के आदेश के बाद धरातल पर उसका पालन न होना स्कूलों की मनमानी है।



 

लोगों ने क्या कहा

इस मुद्दे को लेकर अभिभावक संघ ने कोराेना काल के दौरान लड़ाई लड़ी थी। स्थानीय प्रशासन से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। कोर्ट ने हमारी परेशानियों को समझते हुए फीस में 15 फीसदी छूट का फैसला दिया। सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद भी उसका पालन नहीं होना बड़ी विडंबना है। - अनुराग त्रिपाठी, अध्यक्ष, अभिभावक संघ।

फीस में छूट दिए जाने के सिलसिले में स्कूल प्रबंधन से बातचीत की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। स्कूल प्रबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि अगर ऐसा कोई आदेश आपके पास आया हो तो हमें दिखाइये, हमारे पास तो नहीं आया है। खुलेआम निजी स्कूलों की ओर से मनमानी चल रही पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। - आदित्य जायसवाल, अभिभावक।



कोर्ट और सरकार के आदेश का पालन करते हुए स्कूलों की ओर से फीस वापस की जानी चाहिए। आदेश को कौन नहीं मान रहा, यह भी सामने आना चाहिए। शायद सरकार के आदेश को लागू कराने में जिला प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। सख्ती न होने के कारण ही अब तक राहत नहीं मिली। देखते हैं कब तक इस मुद्दे को देखा, सुना और समझा जाएगा। - हिमांशु यादव, अभिभावक।

सरकार की ओर से आदेश तो जारी हो गया पर स्थानीय स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है। कोरोना काल में एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों के नाम पर फीस वसूल की गई जो सरासर मनमानी थी। अब भी अन्य गतिविधियों के नाम पर फीस ली जाती है। लेकिन हफ्ते में मुश्किल से इनकी दो कक्षाएं ही चलती हैं। 15 फीसदी फीस माफी जल्द होनी चाहिए। - विमल, अभिभावक।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed