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गोरखपुर: बौद्ध संग्रहालय को मिलीं 18वीं सदी की बेशकीमती कलाकृतियां, विश्व धरोहर सप्ताह में मिली अनूठी सौगात
Fri, 26 Nov 2021 01:47 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 26 Nov 2021 01:47 PM IST
सार
पुलिस के मालखाने में जमा गैर विवादित बेशकीमती कलाकृतियों और मूर्तियों के मिलने का सिलसिला जारी है।
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गोरखपुर राजकीय बौद्ध संग्रहालय में 15 मूर्तियां और कलाकृतियां संरक्षण के लिए लाईं गईं।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर राजकीय बौद्ध संग्रहालय को बस्ती जिले के थाना-लालगंज के मालखाने में रखीं कुल 15 अदद धातु की कलाकृतियां/मूर्तियां मिल गईं। इनमें से कुछ कलाकृतियां 18वीं सदी की हैं। विश्व धरोहर सप्ताह के अंतर्गत प्राचीन संपदाओं का संग्रह में आना बड़ी उपलब्धि है।
पुलिस के मालखाने में जमा गैर विवादित बेशकीमती कलाकृतियों और मूर्तियों के मिलने का सिलसिला जारी है। राजकीय बौद्ध संग्रहालय के उपनिदेशक डॉ मनोज गौतम ने बताया, प्राप्त मूर्तियों में भगवान बुद्ध की दो प्रतिमा भूमि स्पर्श मुद्रा में है। यह लगभग 18वीं सदी की है।
इसके साथ ही लड्डू गोपाल, भगवान शिव व पार्वती, भगवान कच्छप, देवी दुर्गा की प्रतिमा, एक शिवलिंग, दो घंटियां, गरुण पक्षी तथा दो घोड़े की प्रतिमा मिली है। इन मूर्तियों में एक स्थानक देवी प्रतिमा, जो संभवत: देवी सरस्वती की प्रतिमा है, यह 18वीं सदी की है।
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पुलिस के मालखाने में जमा गैर विवादित बेशकीमती कलाकृतियों और मूर्तियों के मिलने का सिलसिला जारी है। राजकीय बौद्ध संग्रहालय के उपनिदेशक डॉ मनोज गौतम ने बताया, प्राप्त मूर्तियों में भगवान बुद्ध की दो प्रतिमा भूमि स्पर्श मुद्रा में है। यह लगभग 18वीं सदी की है।
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इसके साथ ही लड्डू गोपाल, भगवान शिव व पार्वती, भगवान कच्छप, देवी दुर्गा की प्रतिमा, एक शिवलिंग, दो घंटियां, गरुण पक्षी तथा दो घोड़े की प्रतिमा मिली है। इन मूर्तियों में एक स्थानक देवी प्रतिमा, जो संभवत: देवी सरस्वती की प्रतिमा है, यह 18वीं सदी की है।
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