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गोरखपुर में महामहिम: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय का लोकार्पण, बोले- सिटी ऑफ नॉलेज का हुआ निर्माण
Sat, 28 Aug 2021 06:40 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 28 Aug 2021 06:40 PM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ सीएम योगी व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
- फोटो : अमर उजाला।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि गोरखपुर सिद्ध योगियों की सर्वोच्च पीठ है। गुरु गोरक्षनाथ ने योग को लोक कल्याण का जरिया बनाया। उनकी इस पीठ की इस पूरे क्षेत्र में जंगे आजादी, राजनैतिक व शैक्षिक पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शिक्षा, ज्ञान के साथ विकास, संस्कृति, संस्कार, चरित्र निर्माण, स्वावलंबन, तार्किकता, करुणा और नवाचार का माध्यम होनी चाहिए। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2020 में बनी नई शिक्षा नीति का भी यही मकसद है। पूरा विश्वास है कि महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति को आत्मसात करेगा।
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राष्ट्रपति ने शनिवार को गोरक्षपीठ के अधीन और गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में स्थापित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम सोनबरसा का समारोहपूर्वक लोकार्पण किया। मंच पर राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में राष्ट्रपति ने कहा कि इस धरती में भगवान बुद्ध, महावीर स्वामी, संतकबीर, बाबा राघवदास, रामप्रसाद बिस्मिल, रघुपति सहाय फिराक गोरखपुरी, विद्यानिवास मिश्र, गीता प्रेस के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार की खुशबू है।
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भारत समेत अन्य कई देशों में नाथपंथ और योग के विस्तार को देखते हुए आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने शंकराचार्य के साथ गुरु गोरखनाथ को विश्व के सबसे प्रभावशाली लोगों में माना था। स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि समग्रता में ऐसी शिक्षा ही देश व समाज के उत्थान का माध्यम बनती है।
तीन साल में ही सिटी ऑफ नॉलेज की तरफ बढ़ा शहर
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरा यहां तीन साल से कम समय मे दो बार आना हुआ। दोनों अवसरों पर में यहां आकर बेहद खुश हुआ। इसके पहले 10 दिसंबर 2018 को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन में आया था। तब मैंने गोरक्षपीठ से जुड़े एमपी शिक्षा परिषद से यह अपेक्षा की थी कि वह गोरखपुर को सिटी ऑफ नॉलेज बनाए।
महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के रूप में अपने उक्त आह्वान को साकार देखते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ समग्र विकास पर ध्यान देती है। रोजगारपरक शिक्षा के साथ उन्नत किस्त के शोध होंगे जो आमजन के लिए मददगार होंगे।
तीन साल में ही सिटी ऑफ नॉलेज की तरफ बढ़ा शहर
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरा यहां तीन साल से कम समय मे दो बार आना हुआ। दोनों अवसरों पर में यहां आकर बेहद खुश हुआ। इसके पहले 10 दिसंबर 2018 को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन में आया था। तब मैंने गोरक्षपीठ से जुड़े एमपी शिक्षा परिषद से यह अपेक्षा की थी कि वह गोरखपुर को सिटी ऑफ नॉलेज बनाए।
महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के रूप में अपने उक्त आह्वान को साकार देखते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ समग्र विकास पर ध्यान देती है। रोजगारपरक शिक्षा के साथ उन्नत किस्त के शोध होंगे जो आमजन के लिए मददगार होंगे।