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गोरखपुर: जनता दरबार में परीक्षा के लिए पहुंचे प्री-पीएचडी विद्यार्थी, सीएम योगी ने दिया आश्वासन
Mon, 20 Dec 2021 10:33 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 20 Dec 2021 10:33 PM IST
सार
सीएम योगी ने जनता दरबार में विद्यार्थियों के शिकायती पत्र को गंभीरता से लिया। उन्होंने कमिश्नर रवि कुमार एनजी से कहा कि कुलपति से बातचीत कर विद्यार्थियों की समस्या का समाधान कराएं।
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जनता दरबार में सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्री-पीएचडी विद्यार्थियों ने सोमवार को जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्हें बताया वर्ष 2019-20 के प्री-पीएचडी छात्रों का छह माह का पाठ्यक्रम तीन वर्ष में भी पूरा नहीं हो सका है।
उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना काल से गुजरने के बाद अब कुलपति शोध अध्यादेश- 2018 के मानक पर हमारे पाठ्यक्रम को गलत बता कर परीक्षा नहीं करा रहे हैं। इस कारण बहुत से शोधार्थियों की फेलोशिप छह महीने से रुकी हुई है। जुलाई में पंजीकृत छात्रों का पंजीकरण निरस्त हो जाएगा।
शोध अध्यादेश-2018 में कहीं भी सीबीसीएस का कोई उल्लेख नहीं है फिर भी कुलपति सीबीसीएस प्रणाली थोप रहे हैं, जिसे 2021-22 सत्र से लागू होना चाहिए। अगर सीबीसीएस लागू होता है तो यह अध्यादेश-2018 का उल्लंघन होगा, जिससे पीएचडी की उपाधि पर प्रश्न उठ सकता है। इस पूरे संघर्ष के बीच कई अन्य परीक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों के शिकायती पत्र का गंभीरता से अध्ययन किया और कमिश्नर रवि कुमार एनजी से कहा कुलपति से बातचीत कर विद्यार्थियों की समस्या का समाधान अतिशीघ्र कराएं।
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उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना काल से गुजरने के बाद अब कुलपति शोध अध्यादेश- 2018 के मानक पर हमारे पाठ्यक्रम को गलत बता कर परीक्षा नहीं करा रहे हैं। इस कारण बहुत से शोधार्थियों की फेलोशिप छह महीने से रुकी हुई है। जुलाई में पंजीकृत छात्रों का पंजीकरण निरस्त हो जाएगा।
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शोध अध्यादेश-2018 में कहीं भी सीबीसीएस का कोई उल्लेख नहीं है फिर भी कुलपति सीबीसीएस प्रणाली थोप रहे हैं, जिसे 2021-22 सत्र से लागू होना चाहिए। अगर सीबीसीएस लागू होता है तो यह अध्यादेश-2018 का उल्लंघन होगा, जिससे पीएचडी की उपाधि पर प्रश्न उठ सकता है। इस पूरे संघर्ष के बीच कई अन्य परीक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों के शिकायती पत्र का गंभीरता से अध्ययन किया और कमिश्नर रवि कुमार एनजी से कहा कुलपति से बातचीत कर विद्यार्थियों की समस्या का समाधान अतिशीघ्र कराएं।