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Som Pradosh Vrat June 2021: जानिए कब है सोम प्रदोष, ऐसे पूजन करने से महादेव होंगे प्रसन्न

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Jun 2021 04:17 PM IST

सार

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल यानी संध्या के समय की जाती है। यह व्रत फलाहार या निर्जला रहकर किया जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

जेठ मास का पहला प्रदोष 07 जून को मनाया जाएगा। सोमवार को पड़ने के कारण इसे सोम प्रदोष कहा जाएगा। इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जाएगी। पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले भक्तों पर हमेशा भगवान शिव की कृपा रहती है। भक्त की दुख व दारिद्रता दूर होती है। महादेव उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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सोम प्रदोष व्रत का महत्व
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ चंद्रदेव से भी जुड़ा है। मान्यतानुसार प्रदोष का व्रत सबसे पहले चंद्रदेव ने ही किया था। माना जाता है श्राप के कारण चंद्र देव को क्षय रोग हो गया था। तब उन्होंने हर माह में आने वाली त्रयोदशी तिथि पर शिवजी को समर्पित प्रदोष व्रत रखना आरंभ किया था। जिसके शुभ फल से उन्हें क्षय रोग से मुक्ति मिली।


ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्यकर्मों से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद मंदिर या घर के पूजागृह में जल और पुष्प लेकर सोम प्रदोष व्रत व पूजन का संकल्प लें। फिर शिव और पार्वती की आराधना करें। दिनभर व्रत रहते हुए मन ही मन भगवान शिव के मंत्र का जाप करते रहें।

शाम को प्रदोष काल मुहूर्त में पुन: स्नान कर पूजा स्थल पर भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें। अब भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें। फिर उनको धूप, अक्षत, पुष्प, धतूरा, फल, चंदन, गाय का दूध, भांग, धतूरा आदि अर्पित करें। इसके बाद भगवान को भोग लगाएं।

इस दौरान ओम नम: शिवाय: मंत्र का जाप करते रहें। फिर शिव चालीसा के पाठ के बाद भगवान शिव की आरती करें। रात्रि जागरण के बाद अगले दिन सुबह स्नान आदि करके भगवान शिव की पूजा करें। फिर ब्राह्मण को दान देने के बाद व्रत का पारण करें।

सोम प्रदोष पूजा मुहूर्त
सोम प्रदोष के दिन भगवान शिव की पूजा के लिए आपको प्रदोष काल में 2 घंटे 01 मिनट का समय प्राप्त होगा। 07 जून को शाम 07 बजकर 17 मिनट से रात 09 बजकर 18 मिनट के मध्य आपको सोम प्रदोष व्रत की पूजा करनी होगी।

 
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