पुलिस की पाठशाला: व्यक्तिगत फोटो-वीडियो साझा न करें, साइबर क्राइम से तभी बच पाएंगे
अक्सर देखा जाता है कि दोस्ती होने पर छात्र-छात्राएं अपने व्यक्तिगत फोटो, वीडियो साझा करने लगते हैं, दोस्ती टूटने पर इसका गलत इस्तेमाल हो जाता है। ऐसे में दोस्ती चाहे जितनी भी गहरी हो, अपने फोटो, वीडियो को सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफाॅर्म पर साझा न करें।
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मोबाइल फोन पर इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान अनजाने में किए गए कई काम भी आप को परेशानियों में डाल सकते हैं। ऐसे में साइबर क्राइम से बचाव के लिए ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने में ही समझदारी है। अक्सर देखा जाता है कि दोस्ती होने पर छात्र-छात्राएं अपने व्यक्तिगत फोटो, वीडियो साझा करने लगते हैं, दोस्ती टूटने पर इसका गलत इस्तेमाल हो जाता है। ऐसे में दोस्ती चाहे जितनी भी गहरी हो, अपने फोटो, वीडियो को सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफाॅर्म पर साझा न करें।
ये बातें एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं। एसएसपी डॉ. ग्रोवर ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। उनके सवालों के तर्कसंगत जवाब दिए। अपराध होने से सजा दिलाने तक की प्रक्रिया को समझाया। स्कूल के डायरेक्टर अनन्य प्रताप शाही ने कहा कि पुलिस की पाठशाला विद्यार्थियों के जीवन में बहुत कारगर साबित होगी। प्रिंसिपल अनुजा श्रीवास्तव ने अतिथियों के प्रति आभार जताया।
एसएससपी और विद्यार्थियों का संवाद
सवाल (नीकुंज मिश्रा, दसवीं) : कई बार देखा जाता है कि पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं और उन कार्रवाई नहीं होती, ऐसा क्यों?
जवाब (एसएसपी) : सबके लिए एक ही नियम होता है। नियम तोड़ने पर पुलिस वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
सवाल (नीलभ राय, दसवीं) : फेक आईडी से कैसे बचा जाए? पुलिस इस पर जल्दी कार्रवाई क्यों नहीं करती है?
जवाब (एसएसपी): अपने व्यक्तिगत फोटो, वीडियो को कभी भी सोशल मीडिया पर साझा न करें। फेक आईडी की शिकायत आते ही पुलिस कार्रवाई करती है। इसकी शिकायत घर बैठे ही ऑनलाइन भी कर सकते हैं।
सवाल (सिद्धार्थ कौशिक, 10 वीं): अपराध होने पर पुलिस जेंडर के हिसाब से कार्रवाई क्यों करती है?
जवाब (एसएसपी): कानून सबके लिए एक समान होता है। महिलाओं के अपराध में शामिल होने पर पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतती है। जैसे आरोपी को सिर्फ महिला पुलिस ही पकड़ती है। ऐसा कभी भी नहीं होता कि महिला अपराध करे और बच जाए।
सवाल (श्रेयांश गुप्ता, 11वीं ) : ऑनलाइन जालसाजी से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
जवाब (एसएसपी) : अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी को मत दीजिए। अगर, इसके बाद भी जालसाजी हो जाती है, तो सूचना तत्काल पुलिस को देनी चाहिए।