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मरीज-एंबुलेंस माफिया: बीआरडी में तमाम जगह लिखा है, दलालों के झांसे में न आएं... वहीं हो रही झांसेबाजी

Fri, 14 Jul 2023 12:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 14 Jul 2023 12:30 PM IST
सार

एएसपी मानुष पारिक ने कहा कि पुलिस अपनी ओर से मरीजों की मदद की कोशिश कर रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है। जल्द ही सभी विभाग आपस में तालमेल कर माफिया के गठजोड़ से मरीजों को मुक्ति दिलाएंगे।

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Police installed boards in BRD to avoid ambulance mafia but no prevention at all
मेडिकल कॉलेज में लगाया गया बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दलालों से सावधान रहें, किसी के बहकावे में आकर न तो रुपये दें और न ही उनके कहे पर प्राइवेट अस्पताल में जाएं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गेट से लेकर सभी वार्डों में ऐसे तमाम संदेश लिखे दिख जाएंगे। लेकिन, जहां पर इस तरह के संदेश लिखे बोर्ड लगे हैं, उन्हीं के पास दिन भर मरीजों की खरीद-फरोख्त होती है।

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पुलिस की जांच में प्राइवेट एंबुलेंस-मरीज माफिया के गठजोड़ उजागर होने के साथ ही एक-एक कड़ी खुलकर सामने आ रही है। पुलिस की ओर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ, मेडिकल कॉलेज प्रशासन और आरटीओ को डीएम के माध्यम से भेजी गई है। एक हफ्ते से कोई कार्रवाई नहीं होने पर एक बार फिर पुलिस की ओर से रिमांइडर भी भेजा गया है।
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दरअसल, पुलिस की जांच में सामने आया है कि मरीजों को बेहतर इलाज के नाम पर मेडिकल कॉलेज से बेचा जा रहा है। इस धंधे में शामिल लोग लग्जरी कार और कोठी के मालिक भी बन गए हैं। पुलिस की सख्ती के बाद एक बोर्ड अब और लगा दिया गया है कि अगर, कोई मरीज को जबरन एंबुलेंस वाले के साथ जाने का दबाव बनाए या फिर कोई भी असुविधा हो तो सीधे पुलिस को सूचना दी जाए। बोर्ड पर पुलिस अधिकारियों के नंबर हैं, ताकि उनकी तत्काल मदद भी हो सके।
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रात में पुलिस ने बढ़ाई गश्त तो फरार हो गए प्राइवेट एंबुलेंस वाले

Police installed boards in BRD to avoid ambulance mafia but no prevention at all
मेडिकल कॉलेज में लगाया गया बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला।
इन सब के बीच अब पुलिस अफसरों को भी एक मलाल है कि इस गंभीर प्रकरण पर आखिर अन्य विभाग चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। उनके हिस्से की भी जांच करके रिपोर्ट दे दी गई है तो फिर कार्रवाई से गुरेज क्यों? जबकि, चौकी इंचार्ज व दो सिपाही की भूमिका सामने आते ही उन पर कार्रवाई कर दी गई है। बहरहाल, परिसर में लगे बोर्ड कितने कारगर होंगे यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा, लेकिन पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक संयुक्त प्रयास जरूर किया है।

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दिन में पुलिस की सख्ती के बाद प्राइवेट एंबुलेंस वाले नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन रात में अब भी प्राइवेट एंबुलेंस वाले मरीज लेने पहुंच जाते हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने रात में भी गश्त बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि बुधवार की रात में 11 बजे के बाद पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर के बाहर गश्त बढ़ा दी है। ऐसे में तीन एंबुलेंस वाले गेट से ही पुलिस देखकर फरार हो गए। उसमें से एक का पुलिस ने दो दिन पहले पांच हजार रुपये का चालान भी काटा था।

एएसपी मानुष पारिक ने कहा कि पुलिस अपनी ओर से मरीजों की मदद की कोशिश कर रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है। जल्द ही सभी विभाग आपस में तालमेल कर माफिया के गठजोड़ से मरीजों को मुक्ति दिलाएंगे।




 
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