युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आया नया मोड़, तीन दिन बाद युवती का कराया गया मेडिकल परीक्षण
- महिला थाने में बयान दर्ज कराने के दौरान चीखने-चिल्लाने लगी थी युवती
- दुष्कर्म की पुष्टि के लिए स्लाइड को बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया
- युवती का इलाज करने वाली मेडिकल कॉलेज की डाक्टर से भी पूछताछ करेगी पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के एक गांव की मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के एक दिन बाद शुक्रवार को पुलिस ने युवती का मेडिकल परीक्षण कराया। डॉक्टर के मुताबिक युवती के शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं मिली है।
सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि के लिए नमूने को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। शनिवार शाम तक रिपोर्ट मिल सकती है। मेडिकल परीक्षण से पहले युवती का महिला थाने में बयान दर्ज कराया गया। उधर, सतर्कता के तौर पर युवती के गांव में दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे श्यामदेउरवां थाने की पुलिस महिला थाने पहुंची। इसके बाद युवती का बयान दर्ज किया जाने लगा। बयान दर्ज कराते समय युवती ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। कुछ देर बाद वह अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए चिल्लाने लगी और गिर गई। इससे उसे चोट लग गई और नाक से खून बहने लगा। इसके बाद युवती को जिला अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया।
सामान्य होने पर युवती को मेडिकल परीक्षण कराने के लिए सदर सीएचसी में महिला डॉक्टर के पास ले जाया गया। दोपहर करीब दो बजे युवती का मेडिकल परीक्षण किया गया। इस बीच युवती मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर से भी उलझ गई। महिला पुलिसकर्मी ने पकड़कर उसे किनारे किया तो जांच शुरू हुई।
यह है मामला
श्यामदेउरवां थानाध्यक्ष विजय राज सिंह ने बताया कि एक्स-रे और मानसिक रोग विशेषज्ञ से जांच कराने के लिए भी डॉक्टर ने कहा है। दुष्कर्म की पुष्टि के लिए स्लाइड को जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। रिपोर्ट शनिवार शाम तक मिल सकती है। पूरे मामले की गहन विवेचना की जा रही है। शनिवार को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज जाकर प्रकरण के बारे में युवती का इलाज करने वाली डॉक्टर से भी जानकारी ली जाएगी।
बता दें कि मंगलवार सुबह युवती को गोरखपुर के भटहट इलाके में एक निजी अस्पताल के सामने अर्धनग्न हालत में पाया गया था। तब युवती ने अपने साथ सामूहिक दुष्कर्म होने का आरोप लगाया था। उसका कहना था कि उसके गांव से पांच युवकों ने उसे अगवा कर लिया और किसी अज्ञात जगह पर ले जाकर उसके साथ पांचों ने बारी बारी से दुष्कर्म किया था।
हालत खराब होने पर उसे बेहोशी की हालत में फेंककर फरार हो गए थे। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को नए कपड़े दिए पहनने के लिए। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले गई, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। मामला महराजगंज जिला का होने की वजह से गोरखपुर की पुलिस ने उसे सूचना दे दी थी।
देर शाम महराजगंज जिले के श्यामदेउरवां की पुलिस आई और युवती को लेकर चली गई। पुलिस ने मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं की। उसका कहना था कि युवती की तरफ से कोई शिकायत ही नहीं दर्ज कराई गई है।
इसके बाद मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए तो दो दिन बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके एक दिन पर शुक्रवार को मेडिकल कराया है।