उज्जवला योजना 2.0: गोरखपुर की किरन का पीएम मोदी से संवाद, बोली- अब नहीं सोना पड़ता भूखा
पीएम ने पूछा बेटी पढ़ लिख रही है तो आप उसे खाना बनाना भी सिखाती होंगी। गैस पर खाना बनाना उसे अच्छा लगता होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर के ब्लाक पाली के ग्राम पंचायत कोदरी के टोला डीहुलीपार की उज्जवला योजना के अंतर्गत वर्ष 2016 में चयनित गरीब लाभार्थी किरन पत्नी रूदल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल संवाद किया।
उज्वला योजना पार्ट 2 का शुभारंभ मौके पर देश के विभिन्न राज्यों की महिलाओं के साथ ही किरन को भी प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिला। प्रधानमंत्री ने जब किरन से योजना के लाभ के बारे में पूछा तो उसने कहा कि पहले लकड़ी बीन कर लाना पड़ता था, उसमें काफी समय लग जाता था। बरसात के मौसम में लकड़ी भीग जाने से भोजन बनाने में परेशानी होती थी। लकड़ी भीगने के कारण कई बार तो भूखे सो जाना पड़ता था। गैस मिल जाने से समय की बचत और जिंदगी सरल हो गई।
प्रधानमंत्री ने लाभार्थी से जीवन यापन का जरिया पूछा तो उन्होंने कहा कि बांस से बेना, डलिया, सिलाई कढ़ाई का कार्य करती हूं और पति बाहर रहकर काम करते हैं। लाभार्थी किरन के बगल में बैठी उसकी बेटी साधना से प्रधानमंत्री ने उससे पढ़ाई और खेलकूद के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मैं 12वीं की छात्रा हूं और खेलकूद में प्रतिभाग नहीं किया है।
प्रधानमंत्री ने लाभार्थी से कहा कि उज्वला गैस के अपने सुखद अनुभव को जरूर साझा करें जिससे अन्य लोग भी इसका फायदा उठा सके। अंत में महिला ने पीएम मोदी और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम का आभार व्यक्त किया।
वर्चुअल संवाद के दौरान डीएम विजय किरण आनन्द, सीडीओ इंद्रजीत सिंह, एसडीएम सुरेश कुमार राय, डीएसओ, डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर, बीडीओ चंद्रशेखर कुशवाहा, राकेश मौर्य, प्रधान मनोज, सेक्रेटरी विजय कुमार मौर्य, हेमंत सिंह, धनेंद्र सिंह, निधि गौड़ सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कोदरी गांव को आदर्श गांव बनाने का प्रयास करेंगे - डीएम
ब्लाक पाली के कोदरी गांव के डीहुलीपार टोला में प्रधानमंत्री के वर्चुअल संवाद के बाद डीएम विजय किरन आनंद ने उपस्थित लोगों से कहा कि ग्राम पंचायत कोदरी को आदर्श गांव बनाऊंगा इसके लिए गांव के प्रधान और ग्रामीण का सहयोग आवश्यक है।
डीएम से ग्रामीणों ने गांव में आने वाले रास्ते को बनवाने की मांग की साथ ही बिजली के जर्जर हो चुके तारों को बदलने और लो वोल्टेज से निजाद दिलाने की गुहार लगाई। डीएम ने ग्रामीणों से कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा कैम्प लगाकर सभी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।