गोरखपुर SSP से मांगी गई सुरक्षा: डीएम साहब, जिला अस्पताल और बीआरडी में घूम रहे मरीज माफिया
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दलालों का रैकेट सक्रिय है। यहां पर एंबुलेंस चालक भी मरीजों को बरगला देते हैं। मेडिकल कॉलेज से मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में पहुंचा दिया जाता है। इसका खुलासा पिछले दिनों कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर के बाहर हो चुका है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में दलाल घूम रहे हैं। एंबुलेंस चालकों और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से वे मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जा रहे हैं। विरोध करने पर कर्मचारियों से विवाद और मारपीट तक कर ले रहे हैं। इस मामले की शिकायत एसआईसी डॉ. राजेंद्र ठाकुर ने डीएम और एसएसपी से करते हुए सुरक्षा की मांग की है।
इससे पूर्व बीआरडी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. राजेश राय भी एडीजी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी इनका नेटवर्क टूट नहीं रहा है। एसआईसी ने डीएम और एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि जिला अस्पताल में सभी चिकित्साधिकारी-कर्मचारी अपने कामों को निष्ठा एवं समर्पण से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ दलाल अस्पताल परिसर में घूमते रहते हैं। मरीजों को बरगलाकर निजी अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाते हैं। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव बनाते हैं। मना करने पर विवाद करने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि यही दलाल निजी एंबुलेंस से मरीजों को निजी अस्पताल ले जाते हैं। मना करने पर मारपीट पर उतर आते हैं। इसके अलावा कई राजनीतिक दलों एवं संस्थाओं का नाम लेकर दबाव भी बना रहे हैं। मना करने पर स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट तक कर लेते हैं। कई बार स्वास्थ्य कर्मियों ने इनका विरोध भी किया, लेकिन इसके बाद भी दलाल मान नहीं रहे हैं।
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बीआरडी में भी है दलालों का रैकेट सक्रिय
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दलालों का रैकेट सक्रिय है। यहां पर एंबुलेंस चालक भी मरीजों को बरगला देते हैं। मेडिकल कॉलेज से मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में पहुंचा दिया जाता है। इसका खुलासा पिछले दिनों कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर के बाहर हो चुका है। एंबुलेंस चालक मरीज को जबरदस्ती ले जा रहा था। मामले में बीआरडी के दो स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका भी सामने आई। इस पर एंबुलेंस चालक और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। मामले में बीआरडी ने जांच शुरू की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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बीआरडी के हर वार्ड तक पहुंच है दलालों की
बीआरडी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध नेहरू अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेश राय भी एडीजी को पत्र लिख चुके हैं। एडीजी को लिखे पत्र में बताया था कि दलाल बीआरडी कॉलेज के वार्ड में घूमते रहते हैं। चिकित्सालय की इमरजेंसी के बाहर से संस्था के गेट के बाहर तक अक्सर दलालों को देखा जाता है।
ये दलाल ही मरीजों और उनके परिजनों को गुमराह कर प्राइवेट नर्सिंग होम ले जाते हैं। जहां पर मरीजों का शोषण होता है। इससे शासन, सरकार व मेडिकल कॉलेज की छवि भी धूमिल होती है। इसके बाद भी इन घटनाओं पर कोई भी रोक नहीं लगी।
अधिकारियों ने क्या कहा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरु अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेश राय ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दलालों पर नकेल कसने के लिए पूर्व में प्रशासन को पत्र लिखा गया था। उस वक्त दलालों पर लगाम लगा था। बीच में कुछ एंबुलेंस चालकों के नाम सामने आए थे, जिनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। स्वास्थ्यकर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि अगर निजी अस्पतालों में मरीज भेजने की बात सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।