गोरखपुर: परमेश्वरपुर के सचिव सस्पेंड, जिला मुख्यालय से किए गए अटैच
- चरगांवा ब्लॉक के परमेश्वरपुर व भटहट के जंगल हरपुर मामले की होगी विस्तृत जांच
- जंगल हरपुर में भी 47 लाख का हो गया था भुगतान, प्रशासन ने रुपये निकलने से बचाए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर में परफार्मेंस ग्रांट को लेकर हुई अनियमितता के मामले में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। चरगांवा ब्लॉक के परमेश्वरपुर में बिना टेंडर निकाले ग्रांट के 49.99 लाख रुपये के भुगतान मामले की प्रारंभिक जांच के बाद मंगलवार को सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने वहां के सचिव को निलंबित कर दिया। जांच पूरी होने तक उन्हें जिला मुख्यालय से अटैच किया गया है। जांच के बाद प्रधान समेत और भी कुछ दोषियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
उधर भटहट ब्लॉक के जंगल हरपुर में भी बिना टेंडर के एक ही फर्म को 47 लाख रुपये का भुगतान किए जाने के मामले में भी सीडीओ ने विस्तृत जांच के लिए डीएम से संस्तुति की है। वहां भी प्रधान समेत कुछ अन्य पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। प्रारंभिक जांच में अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है।
गनीमत यह रही कि समय से सूचना मिल जाने की वजह से सीडीओ ने पीएफएमस के लखनऊ स्थित कार्यालय पर संपर्क कर खाते से धन निकासी को रोक लिया। मगर परमेश्वरपुर में तो भुगतान के साथ ही रुपये भी निकाल लिये गए।
यही नहीं, इन दोनों पंचायतों में गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद परफार्मेंस ग्रांट पाने वाली सभी पंचायतों की जांच कराने जा रहा है। बता दें कि दोनों ही मामले जिले के नोडल अफसर व अपर मुख्य सचिव गन्ना संजय आर भूसरेड्डी तक पहुंचे हैं। दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को गोरखपुर आए नोडल अफसर ने इन दोनों ही मामलों को अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज के संज्ञान में लाने की बात कही थी।
जंगल हरपुर के सचिव बच गए
खाते से भुगतान की समय से सूचना दे देने की वजह से भटहट ब्लॉक के जंगल हरपुर के सचिव कार्रवाई से बच गए। सीडीओ का कहना है कि सचिव को जानकारी होते ही उन्होंने तत्काल एडीओ पंचायत और बीडीओ समेत जिला मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके संज्ञान के बिना ही 47 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। समय से सूचना मिलने पर ही खाते से रुपये निकाले जाने से बचाये जा सके। इसीलिए अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सीडीओ ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।
सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच के आधार पर परमेश्वरपुर के सचिव को निलंबित कर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। परमेश्वरपुर के साथ ही भटहट ब्लॉक के जंगल हरपुर गांव के मामले में भी पंचायतीराज व्यवस्था के मुताबिक विस्तृत कार्रवाई के लिए डीएम को संस्तुति कर दी गई है। डीएम, जिला स्तरीय अधिकारियों से मामले की जांच कराएंगे। जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।