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गोरखपुर: खोराबार एसओ के खिलाफ फिर विभागीय जांच के आदेश, छह पुलिसकर्मी हो चुके हैं निलंबित
Fri, 05 Feb 2021 08:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 05 Feb 2021 08:46 PM IST
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पुलिस। (सांकेतिक तस्वीरे)
- फोटो : iStock
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खोराबार थाने में नशे में धुत पुलिसकर्मियों के आपस में मारपीट करने के मामले में डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने एसओ नासिर हुसैन के खिलाफ फिर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इस बार एसओ पर आरोप है कि उन्होंने डीआईजी के आदेश के बावजूद नशे में धुत पुलिसकर्मियों की मेडिकल जांच नहीं कराई।
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इससे पहले थाने में हुई घटना में अनुशासन बनाए रखने में नाकाम रहने पर डीआईजी ने थानेदार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए थे। अब मेडिकल जांच न कराने का मामला भी इसमें जुड़ जाएगा। उधर, विभाग में यह चर्चा जोरों पर है कि एसएसपी खुद थानेदार की नाकामी मानते हैं तो फिर वह अपने पद पर कैसे बने हुए हैं?
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जानकारी के मुताबिक, खोराबार थाने में तैनात एक दारोगा 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए थे। थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक ठेकेदार की मदद से उसी दिन रात में उनकी विदाई में पार्टी रखी थी। खाने-पीने के दौरान ही किसी बात पर एक दारोगा व थाने में तैनात सिपाही से कहासुनी हुई। मामला बढ़ने पर इसमें कुछ और पुलिसकर्मी शामिल हो गए। हाथापाई होने लगी। बाद में थाने पहुंचे अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामले की जानकारी थानेदार को दी।
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एसओ पर हुआ था विभागीय जांच का आदेश
घटना के अगले दिन डीआईजी को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने दारोगा अश्वनी कुमार चौबे, दिनेश कुमार यादव, रविसेन यादव, हेड कांस्टेबल मनोज सिंह, सिपाही मुकेश यादव व सिपाही चालक राजेश यादव को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी।
वहीं थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नासिर हुसैन द्वारा पुलिसवालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई न करने तथा थाने में अनुशासन बनाए रखने में नाकाम होने के कारण उनके खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि घटना वाली रात आरोपित पुलिसकर्मियों की मेडिकल जांच ही नहीं कराई गई।
अब बिना मेडिकल जांच के यह पता ही नहीं चल पाएगा कि पुलिसकर्मियों ने पार्टी में बवाल के दौरान शराब पी रखी थी या नहीं। इसकी जानकारी होने के बाद डीआईजी ने थानेदार के खिलाफ कराई जा रही विभागीय जांच में इस लापरवाही को भी शामिल करने का निर्देश दिया है।
वहीं थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नासिर हुसैन द्वारा पुलिसवालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई न करने तथा थाने में अनुशासन बनाए रखने में नाकाम होने के कारण उनके खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि घटना वाली रात आरोपित पुलिसकर्मियों की मेडिकल जांच ही नहीं कराई गई।
अब बिना मेडिकल जांच के यह पता ही नहीं चल पाएगा कि पुलिसकर्मियों ने पार्टी में बवाल के दौरान शराब पी रखी थी या नहीं। इसकी जानकारी होने के बाद डीआईजी ने थानेदार के खिलाफ कराई जा रही विभागीय जांच में इस लापरवाही को भी शामिल करने का निर्देश दिया है।