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हजरत मिस्कीन शाह की निराली है शान, 80वें उर्स पर अकीदतमंदों ने इत्र, गुल और चादरपोशी कर दुआ मांगी
Wed, 15 Jan 2020 09:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2020 09:52 AM IST
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हजरत मिस्कीन शाह रह. के उर्स पर मांगी गई दुआ।
सिलसिला ए चिश्तिया व निजामिया के कामिल बुजुर्ग हजरत मो. नियाज बहादुर उर्फ हजरत मिस्कीन शाह रहमतुल्लाह अलैह का 80 वां उर्स ए पाक मंगलवार को कुल की फातिहा और दुआए खैर के साथ संपन्न हुआ। खानकाहे मिस्कीनिया, मोहल्ला अंधियारी बाग में उर्स के मौके पर अकीदतमंदों का दिन भर तांता लगा रहा। लोगों ने इत्र, गुल और चादरपोशी कर बाबा की बारगाह में मन्नतें मांगीं और दुआ की।
कुल की नजरख्वानी से पहले हजरत सैयद निहाल अहमद सब्जवारी उर्फ बेदार शाह अलैहिर्रहमा कोलकाता की दरगाह से आई चादर पेश की गई। इसके बाद आलिम और हाफिजों ने कलामे पाक की तिलावत (पाठ) कर नजर पेश की गई। इसके बाद महफिल ए समां शुरू हुई। कव्वालों ने हम्द, सना, नात और मनकबत के रूप में रूहानी कलाम पेश कर अकीदतमंदों को साहिब ए मजार की मुहब्बत के सागर में गोते लगवाए। कव्वाली-हजरत मिस्कीन शाह की निराली है शान, पर अकीदतमंद झूम उठे। अंत में बाबा का लंगर बांटा गया। खानकाहे मिस्कीनिया के खादिम और उसके उर्स के संचालक फिरोज अहमद नेहाली ने बताया कि उर्स में हर धर्म और जाति के लोग बाबा की मजार पर हाजिरी देने पहुंचे।
बाबा की मजार पर हाजिरी देने वालों में स्थानीय अकीदतमंदों के साथ ही बड़ी संख्या में कोलकाता से आए जायरीन भी शामिल रहे। उर्स में मुख्य रूप से शाह अख्तर अली, अब्दुल मतीन सिद्दीकी, कारी मुख्तार, सैयद इरशाद अहमद, आदिल अमीन, नईमुद्दीन नेहाली, कारी मुख्तार नेहाली, मो. वसीम नेहाली, शम्स तबरेज नेहाली, अकील अहमद, वकील अहमद, गुलजार अहमद, शाहरुख, आफताब अहमद, भोलू और मसर्रत आदि उपस्थित रहे।
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कुल की नजरख्वानी से पहले हजरत सैयद निहाल अहमद सब्जवारी उर्फ बेदार शाह अलैहिर्रहमा कोलकाता की दरगाह से आई चादर पेश की गई। इसके बाद आलिम और हाफिजों ने कलामे पाक की तिलावत (पाठ) कर नजर पेश की गई। इसके बाद महफिल ए समां शुरू हुई। कव्वालों ने हम्द, सना, नात और मनकबत के रूप में रूहानी कलाम पेश कर अकीदतमंदों को साहिब ए मजार की मुहब्बत के सागर में गोते लगवाए। कव्वाली-हजरत मिस्कीन शाह की निराली है शान, पर अकीदतमंद झूम उठे। अंत में बाबा का लंगर बांटा गया। खानकाहे मिस्कीनिया के खादिम और उसके उर्स के संचालक फिरोज अहमद नेहाली ने बताया कि उर्स में हर धर्म और जाति के लोग बाबा की मजार पर हाजिरी देने पहुंचे।
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बाबा की मजार पर हाजिरी देने वालों में स्थानीय अकीदतमंदों के साथ ही बड़ी संख्या में कोलकाता से आए जायरीन भी शामिल रहे। उर्स में मुख्य रूप से शाह अख्तर अली, अब्दुल मतीन सिद्दीकी, कारी मुख्तार, सैयद इरशाद अहमद, आदिल अमीन, नईमुद्दीन नेहाली, कारी मुख्तार नेहाली, मो. वसीम नेहाली, शम्स तबरेज नेहाली, अकील अहमद, वकील अहमद, गुलजार अहमद, शाहरुख, आफताब अहमद, भोलू और मसर्रत आदि उपस्थित रहे।
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