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Gorakhpur News: श्रद्धालुओं ने कथा सुन जाना भजन का महत्वक
Thu, 16 Jul 2026 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गीता वाटिका के राधाकृष्ण साधना मंदिर में 41वें स्थापना दिवस के सातवें दिन बुधवार को गीता वाटिका में श्रद्धालुओं ने रामचरित मानस कथा सुनी व भजन के महत्व को समझा।
सुबह वैदिक आचार्याें ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन करवाया। इसके बाद श्रीराम, माता जानकी, भगवान लक्ष्मण और भगवान हनुमान सहित पूजा किया गया। भक्तों ने प्रभु के चरण में पुष्प चढ़ाकर प्रार्थना की। शाम 5:30 बजे रामचरितमानस कथा शुरू हुई। कथा वाचक हरिकृष्ण दास की ओर से श्रद्धालुओं काे कथा सुनाई गई। कथा में उन्होंने श्रीराम-लक्ष्मण के विश्वामित्र के साथ मिथिला जाने, गंगाजी की महिमा और जनकपुरी की सुंदरता का वर्णन किया। अंत में कहा कि मानस की शिक्षाओं को जीवन में उतारना ही सच्ची कथा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।त
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गोरखपुर। गीता वाटिका के राधाकृष्ण साधना मंदिर में 41वें स्थापना दिवस के सातवें दिन बुधवार को गीता वाटिका में श्रद्धालुओं ने रामचरित मानस कथा सुनी व भजन के महत्व को समझा।
सुबह वैदिक आचार्याें ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन करवाया। इसके बाद श्रीराम, माता जानकी, भगवान लक्ष्मण और भगवान हनुमान सहित पूजा किया गया। भक्तों ने प्रभु के चरण में पुष्प चढ़ाकर प्रार्थना की। शाम 5:30 बजे रामचरितमानस कथा शुरू हुई। कथा वाचक हरिकृष्ण दास की ओर से श्रद्धालुओं काे कथा सुनाई गई। कथा में उन्होंने श्रीराम-लक्ष्मण के विश्वामित्र के साथ मिथिला जाने, गंगाजी की महिमा और जनकपुरी की सुंदरता का वर्णन किया। अंत में कहा कि मानस की शिक्षाओं को जीवन में उतारना ही सच्ची कथा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।त
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