गोरखपुर में हत्या: नजदीकियों से सशंकित ससुर ने महिला को फावड़े से उतारा मौत के घाट, एक आरोपी गिरफ्तार
सुबह करीब साढ़े सात बजे बहू रीमा का संतराज से विवाद हो गया। उसके बाद संतराज ने गुस्से में कुदाल उठाकर बहू के ऊपर प्रहार कर दिया। इस घटना में बहू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद संतराज फरार हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अन्य दो आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। घटनास्थल से पुलिस ने फावड़ा बरामद कर लिया है। घटना की सूचना पर एसपी नार्थ मनोज अवस्थी, एएसपी मानुष पारिख ने स्थानीय फोर्स के साथ पहुंचकर छानबीन की।
पुलिस के मुताबिक, तुलसीदेई गांव निवासी रीमा के पति हरिश्चंद्र की दस साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हरिश्चंद्र को बचपन से ही गांव की कलावती व उसके तीसरे पति दुबई यादव ने गोद ले लिया था। बड़े ससुर संतराज ने शादी नहीं की थी। कलावती से उसके नजदीकी रिश्ते हो गए थे।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर विश्वविद्याल में बवाल मामला: कुलपति व कुलसचिव पर हमले के आरोपी दस छात्र होंगे निष्कासित
इस वजह से वह भी वहीं पर रहता था। हरिश्चंद्र की पत्नी रीमा अपने बड़े ससुर संतराज, कथित सास कमलावती व देवरानी नीलम के साथ रहती थी। रीमा ने बच्चों की परवरिश के लिए एक स्कूल में खाना बनाने का काम शुरू कर दिया था। स्कूल में ऑटो चलाने वाला युवक भी अक्सर रीमा को लेने के लिए आ जाता है।
पुलिस का कहना है कि संतराज को संदेह हो गया था कि दोनों के बीच में गलत रिश्ते हैं, इस वजह से उसने बहू पर स्कूल न जाने का दबाव बनाने लगा। लेकिन रीमा नहीं मान रही थी। इसी बात को लेकर मंगलवार की रात में विवाद हुआ, लेकिन बुधवार सुबह रीमा फिर स्कूल जाने की तैयारी में थी।
वह खाना बना रही थी, तभी रीमा के बड़े ससुर संतराज आ गए और फावड़े से सिर पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। घटना के वक्त रीमा का एक 17 वर्ष का दसवीं में पढ़ने वाला बेटा मुन्ना और आठवीं में पढ़ने वाली बेटी लक्ष्मी बुधवार सुबह स्कूल चली गई थी।
इसे भी पढ़ें: फिल्मी अंदाज में मचाया उत्पात: जीप के बोनेट पर बैठकर बकीं गालियां, मना किया तो मार दी गोली
मृतका के बेटे का यह है आरोप
बेटे ने तहरीर में आरोप लगाया है कि गोद लेने वाले स्व. दुबई यादव की संपत्ति को हड़पने के लिए उसकी कथित दादी कलावती देवी पत्नी स्व.दुबई, दादा संतराज और चाची नीलम पत्नी काशीनाथ चौरसिया ने एकराय होकर उसकी मां की हत्या की साजिश रची थी।
बुधवार सुबह सात बजे रोटी बनाते समय दादा संतराज ने कुदाल के पासा (पिछले हिस्से) से सिर पर प्रहार कर मां को मौत के घाट उतार कर फरार हो गया। बेटे का यह भी आरोप है कि घटना की सूचना पाकर कोचिंग सेंटर से घर आने के दौरान रास्ते में मिले बड़े दादा ने उसे भी घेरकर मारने का असफल प्रयास किया।
इसे भी पढ़ें: शीशों पर पंजों के निशान बयां कर रहे छटपटाहट, खेल-खेल में कार में बंद हो गया मासूम;तड़प-तड़पकर तोड़ दिया दम
आरोपी कलावती ने गांव में ही की हैं तीन शादियां
रीमा की हत्या के अन्य भी कई अनसुलझे पहलू हैं। इसमें किसी से नजदीकी संबंध की भूमिका अहम है। ग्रामीणों की मानें तो आरोपी महिला कलावती की पहली शादी करीब 40 साल पहले तुलसी देई निवासी गुग्गू प्रजापति के साथ हुई। इसके बाद से कलावती ने दूसरी और फिर तीसरी शादी की। संतराज से भी वह 60 साल की उम्र में शादी करने की तैयारी में थी।
एएसपी मानुष पारिक ने कहा कि मामले में कुछ अन्य तथ्य भी सामने आए हैं, पुलिस ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया है, एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी ससुर व अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।